प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनका जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ था और शुरुआती जीवन का बड़ा हिस्सा इसी शहर में बीता. उनके पिता दामोदरदास मूलचंद मोदी वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने का काम करते थे. बताया जाता है कि बचपन में नरेंद्र मोदी भी पिता के साथ चाय की दुकान पर उनका हाथ बंटाते थे.
समय बीतने के साथ वडनगर रेलवे स्टेशन की यह छोटी सी चाय की दुकान नरेंद्र मोदी के शुरुआती जीवन से जुड़ी चर्चित स्मृतियों में शामिल हो गई. उनके बचपन से जुड़ी इस कहानी का उल्लेख कई सार्वजनिक मौकों पर भी हुआ है.
नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में कई बार अपने बचपन और चाय बेचने के दिनों का जिक्र किया है. प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने अपने शुरुआती संघर्ष और वडनगर में बिताए समय की यादें साझा की हैं. उनके राजनीतिक सफर के दौरान 'चायवाला' शब्द भी उनकी सार्वजनिक पहचान का हिस्सा बना. इसी वजह से वडनगर रेलवे स्टेशन का यह चाय स्टॉल उनके व्यक्तिगत जीवन की कहानी के साथ-साथ उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़ी एक पहचानी जाने वाली जगह बन गया.
नरेंद्र मोदी के बचपन से संबंधित इस चाय की दुकान को अब संरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है. वडनगर पहुंचने वाले लोग रेलवे स्टेशन परिसर में इस स्थान को देख सकते हैं और प्रधानमंत्री के शुरुआती जीवन से जुड़ी इस कहानी को करीब से जान सकते हैं. गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित वडनगर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है.
ऐसे में प्रधानमंत्री के बचपन से जुड़ा यह स्थल यहां आने वाले लोगों के लिए अतिरिक्त आकर्षण का केंद्र बन गया है. जो लोग नरेंद्र मोदी के बचपन से जुड़ी इस जगह को देखना चाहते हैं, वे गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित वडनगर पहुंच सकते हैं. रेलवे मार्ग से वडनगर पहुंचने के बाद स्टेशन परिसर में इस चाय की दुकान से जुड़े स्थान को देखा जा सकता है. आज पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.