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SIR-वंदेमातरम पर घमासान के बीच PM मोदी-अमित शाह से मिले राहुल गांधी, जानें क्या है वजह?

SIR और वंदेमातरम पर पक्ष-विपक्ष में घमासान जारी है इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी ने मुख्य सूचना आयुक्त और आठ सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर बैठक की.

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Km Jaya

नई दिल्ली: SIR और वंदेमातरम पर पक्ष-विपक्ष में घमासान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार यानी आज मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर अहम बैठक की. यह बैठक केंद्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और आठ खाली पड़े सूचना आयुक्तों के पदों को भरने के लिए आयोजित की गई थी. बैठक से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस पर चर्चा के बाद नियुक्तियों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है.

सूचना का अधिकार कानून की धारा 12 (3) के अनुसार, इस चयन समिति के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं. समिति में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री भी शामिल होता है. यह समिति मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के लिए नामों की सिफारिश करती है. समिति की संरचना के चलते कई बार विपक्ष ने असंतुलन का मुद्दा उठाया है. राहुल गांधी ने भी मंगलवार को संसद में कहा था कि इन बैठकों में उनका '2:1 के अनुपात के कारण कोई प्रभाव नहीं रहता'.

राज्यों के मुख्य सचिवों को क्या दिया गया आदेश?

केंद्र सरकार ने 1 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि यह बैठक 10 दिसंबर को होने की संभावना है. सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी उस समय दी गई, जब अदालत विभिन्न राज्यों और केंद्र में खाली पड़े सूचना आयुक्तों के पदों को भरने की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. अदालत ने राज्यों के मुख्य सचिवों को आदेश दिया था कि वे अपने राज्य में सूचना आयोगों की कुल क्षमता, खाली पद और लंबित मामलों की संख्या की जानकारी पेश करें.

याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से क्या कहा गया?

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि कई राज्यों ने पद खाली ही छोड़ दिए हैं, जिससे अपीलों और शिकायतों का ढेर लग गया है. उनका कहना था कि कुछ राज्य सिर्फ दो से तीन नियुक्तियों के साथ काम चला रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि उन्हें और पद भरने की जरूरत नहीं है.

क्या है बैठक की अहमियत?

यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि केंद्रीय सूचना आयोग में लंबे समय से कई पद खाली हैं. इन पदों के खाली होने से लाखों की संख्या में आरटीआई अपीलें लंबित पड़ी हैं. लोगों की सूचना पाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.