PM मोदी के विमान को स्वीडिश फाइटर जेट्स ने दी सुरक्षा, गोथेनबर्ग में हुआ भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र अपने पांच देशों के दौरे के तीसरे चरण में स्वीडन पहुंचे. गोथेनबर्ग में विमान उतरने से पहले स्वीडिश ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया. पीएम मोदी 17-18 मई को स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर दौरे पर हैं.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 और 18 मई को स्वीडन की दो-दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं. स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के विशेष निमंत्रण पर पहुंचे पीएम मोदी का वहां के आसमान में बेहद अनूठा स्वागत हुआ. जैसे ही उनका विमान स्वीडिश हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, अत्याधुनिक ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा घेरा बनाते हुए उन्हें एस्कॉर्ट किया. यह दृश्य वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख को दर्शाता है.
प्रधानमंत्री का यह दौरा उनके पांच देशों के व्यापक अंतरराष्ट्रीय मिशन का तीसरा पड़ाव है. इससे पहले वे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और नीदरलैंड की सफल यात्राएं पूरी कर चुके हैं. स्वीडन में अपने व्यस्त कार्यक्रमों को संपन्न करने के बाद वे अपनी इस कूटनीतिक यात्रा के अगले चरणों के लिए नॉर्वे और इटली रवाना होंगे. इस पूरी विदेश यात्रा का उद्देश्य मित्र राष्ट्रों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई और गति प्रदान करना है.
यूएई में भी मिला था सम्मान
ऐसा ही सम्मान पीएम मोदी को उनके पिछले पड़ाव यूएई में भी मिला था. अबू धाबी के आसमान में प्रवेश करते ही वहां के एफ-16 लड़ाकू विमानों ने भारतीय प्रधानमंत्री के विमान को चारों तरफ से सुरक्षा दी थी. बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने तब इस ऐतिहासिक पल का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया था. उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच गहरी रणनीतिक साझेदारी, अटूट विश्वास और व्यक्तिगत सौहार्द का एक अनूठा प्रतीक बताया था.
ग्रिपेन विमानों की मारक क्षमता
स्वीडन के आसमान में पीएम मोदी का स्वागत करने वाले ग्रिपेन लड़ाकू विमान अपनी अत्याधुनिक तकनीक के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं. इनके निर्माता 'साब' के अनुसार, इन विमानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नवीनतम रडार प्रणाली मौजूद है, जो पायलट को युद्ध के दौरान तुरंत सटीक निर्णय लेने में सक्षम बनाती है. यह लड़ाकू विमान अपने शक्तिशाली इंजन की वजह से लंबी दूरी तय करने और भारी हथियार ले जाने में पूरी तरह सक्षम है.
व्यापारिक नेताओं से होगी मुलाकात
स्वीडन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री का एजेंडा बेहद रणनीतिक और आर्थिक प्राथमिकताओं से भरा हुआ है. वे यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मंच को संबोधित करने वाले हैं. इस बैठक में यूरोपीय देशों के कई बड़े उद्योगपति और सीईओ शामिल होंगे. भारत इस मंच के जरिए यूरोपीय बाजार में अपनी मजबूत पैठ बनाने और देश में बड़े विदेशी निवेश को आकर्षित करने की बड़ी उम्मीदें रख रहा है.
द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडिश पीएम क्रिस्टर्सन के बीच होने वाली द्विपक्षीय बातचीत में दोनों देशों के रिश्तों के पूरे दायरे की समीक्षा की जाएगी. इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, व्यापार, रक्षा, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा. इससे पहले साल 2018 में पीएम मोदी ने भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए स्वीडन का दौरा किया था और अब यह संबंध और अधिक परिपक्व हो चुके हैं.