प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 139वें एपिसोड में स्वदेशी, स्वास्थ्य, विज्ञान, पर्यावरण और भारतीय विरासत से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. विजयादशमी पर शुरू हुए इस कार्यक्रम के 12 साल पूरे होने पर उन्होंने इसे देशवासियों के परिश्रम और सेवा-भाव को नमन करने का माध्यम बताया. उन्होंने श्रोताओं के स्नेह को अपनी अमूल्य पूंजी कहा.
प्रधानमंत्री ने त्योहारों के दौरान लोगों से स्थानीय कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की. उन्होंने बताया कि बिहार के पूर्णिया का मखाना ग्रीस और कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव तक पहुंच रही है. उनके मुताबिक, गांधी जयंती पर खादी की बिक्री एक दिन में 28 करोड़ रुपये से अधिक रही, जो पिछले साल से 1.5 करोड़ रुपये ज्यादा थी.
उन्होंने उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग के महत्व पर भी जोर दिया. महाराष्ट्र के आदिवासी समुदायों के ‘शबरी नेचुरल्स’ उत्पादों की पैकेजिंग को जापान का प्रतिष्ठित ‘गुड डिजाइन अवॉर्ड’ मिलने का भी उल्लेख किया.
पीएम मोदी ने पंजाब के मालवा क्षेत्र में चल रहे ‘नव-त्रिन्जन’ मिशन की तारीफ की. इस पहल में रसायन-मुक्त जैविक कपास और प्राकृतिक रंगों को बढ़ावा दिया जा रहा है. बुनाई प्रशिक्षण के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है. कार्यक्रम में रेखा रानी द्वारा बनाई गई शॉल राष्ट्रपति को भेंट किए जाने का जिक्र किया गया.
प्रधानमंत्री ने बताया कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवा e-Sanjeevani के जरिए 50 करोड़ टेलीकंसल्टेशन पूरे हो चुके हैं. उन्होंने अंडमान, लक्षद्वीप, लद्दाख और नागालैंड के लोगों के उदाहरण देते हुए बताया कि दूरदराज के इलाकों में रहने वालों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श मिलने में इस सेवा ने मदद की है. उन्होंने देश में संचालित 1.90 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का भी उल्लेख किया.
प्रधानमंत्री ने IIT मद्रास के सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर की उस पहल का जिक्र किया, जिसमें 100 मानव मस्तिष्कों की 3D मैपिंग की जा रही है. उन्होंने चेन्नई के स्टार्टअप्स के गोल्ड क्वालिटी टेस्टिंग, बैंक धोखाधड़ी से जुड़े समाधान, AI आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग और ड्रोन बैटरी जैसे नवाचारों की भी चर्चा की.
उन्होंने 31 अक्टूबर को फाइबर ऑप्टिक्स के क्षेत्र में योगदान देने वाले नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती का उल्लेख करते हुए युवाओं से वैज्ञानिकों के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की.
पीएम मोदी ने उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में हेवल नदी और स्थानीय जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने के सामुदायिक प्रयासों की सराहना की. उन्होंने मेघालय और नागालैंड में मोटे अनाज यानी मिलेट्स की खेती दोबारा बढ़ने का भी जिक्र किया. मेघालय की दो महिलाओं द्वारा मिलेट्स से कुकीज, केक और शिशुओं के लिए खाद्य उत्पाद तैयार करने की पहल को भी रेखांकित किया.
प्रधानमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया. उन्होंने अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भी उल्लेख किया. इसके अलावा, स्वतंत्रता सेनानी और गदर पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल भाई परमानंद की 150वीं जयंती का जिक्र करते हुए उनके योगदान को याद किया.
प्रधानमंत्री ने 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित होने वाले ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेने का आह्वान किया. उन्होंने दिवाली और छठ के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की. कार्यक्रम के अंत में उन्होंने श्रोताओं के संदेशों और सुझावों को मन की बात की ताकत बताया.