‘मन की बात’ का 123वां अध्याय आज, PM मोदी करेंगे देशवासियों से संवाद, जानें क्या होगा थीम
आज जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है, ‘मन की बात’ जैसे संवाद कार्यक्रम नई ऊर्जा, विचारों और प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं.यह कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच की एक मजबूत कड़ी है जो लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करता है.
PM Modi Mann Ki Baat 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 29 जून 2025 को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 123वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित करेंगे. हर बार की तरह, इस बार भी वे प्रेरणादायक कहानियों, सामाजिक सरोकारों और जनभागीदारी से जुड़े विषयों पर बात करेंगे.
यह कार्यक्रम देशभर के लोगों के लिए एक ऐसा मंच बन चुका है, जहां प्रधानमंत्री सीधे लोगों से संवाद करते हैं, उनकी उपलब्धियों को सराहते हैं और सामूहिक प्रयासों को नई पहचान देते हैं.
संविधान की प्रस्तावना पर विवाद के बीच महत्वपूर्ण संबोधन
जहां एक ओर संविधान की प्रस्तावना में संशोधन को लेकर बहस तेज हो चुकी है, वहीं इस संवेदनशील समय में प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम और भी खास माना जा रहा है.माना जा रहा है कि वे अपने इस संबोधन में प्रेरक प्रसंगों के साथ-साथ देश के समसामयिक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा कर सकते हैं.
Also Read
‘मन की बात’ की शुरुआत और अब तक की यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर 2014 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी. तब से यह कार्यक्रम हर महीने के अंतिम रविवार को सुबह 11 बजे प्रसारित होता है.इस कार्यक्रम को ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) के साथ-साथ दूरदर्शन, यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी सुना और देखा जा सकता है.
कार्यक्रम का उद्देश्य और संदेश
‘मन की बात’ का मूल उद्देश्य देश के नागरिकों के साथ एक भावनात्मक और सकारात्मक जुड़ाव स्थापित करना है. इसमें राजनीति से दूर रहकर सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा की जाती है. प्रधानमंत्री मोदी जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए आम लोगों की कहानियों को सामने लाते हैं, जो देश में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं.
सामाजिक बदलाव की कहानियों को मंच
इस कार्यक्रम के माध्यम से गांव-गांव, शहर-शहर के ऐसे नायकों की कहानियां सामने आती हैं, जो अपनी मेहनत और सोच से समाज में बदलाव ला रहे हैं. मोदी अपने इस मंच का उपयोग समाज के हर वर्ग से संवाद स्थापित करने और उन्हें एक प्रेरणास्रोत के रूप में प्रस्तुत करने के लिए करते हैं.
नए भारत की झलक ‘मन की बात’ में
आज जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है, ‘मन की बात’ जैसे संवाद कार्यक्रम नई ऊर्जा, विचारों और प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं. यह कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच की एक मजबूत कड़ी है जो लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करता है.