एलन मस्क ने खुद की ही कंपनी खरीदी, अंतरिक्ष पर बनाएंगे खास सेंटर; बिजली-कुलिंग का होगा जबरदस्त बंदोबस्त
एलन मस्क की SpaceX ने xAI को खरीद लिया है. इसका कारण क्या है, ये हम आपको यहां बता रहे हैं.
नई दिल्ली: एलन मस्क की रॉकेट कंपनी SpaceX ने उनकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI को खरीद लिया है. इसका सीधा मतलब यह है कि SpaceX पूरी तरह से xAI का मालिक बन चुका है. मस्क ने समझाया कि xAI को SpaceX में लाने से काफी तरक्की होगी. यह एक पावरफुल इनोवेशन इंजन बनकर उभरेगा. यह कंपनी कई टेक्नोलॉजी को एक साथ मिलाएगी, जिसमें xAI से पावरफुल AI, SpaceX से बड़े रॉकेट, Starlink के जरिए तेज स्पेस-बेस्ड इंटरनेट, सैटेलाइट से सीधे फोन कनेक्शन और X प्लेटफॉर्म से रियल-टाइम जानकारी शामिल होगी.
इस मर्जर का एक मुख्य उद्देश्य है, अंतरिक्ष में डाटा सेंटर बनाना. अभी, AI सिस्टम को धरती पर बड़े डाटा सेंटर की जरूरत होती है. ये बहुत ज्यादा बिजली इस्तेमाल करते हैं. कंप्यूटर को ज्यादा गरम होने से बचाने के लिए लगातार कूलिंग की जरूरत होती है. मस्क का कहना है कि धरती इस बढ़ती मांग को हमेशा पूरा नहीं कर पाती है. ऐसे में इसका एक ही सॉल्यूशन है.
अंतरिक्ष में बनेगी सोलर पैनल से बिजली:
इसका सॉल्यूशन हैवी AI वर्क को अंतरिक्ष में ले जाना है. धरती के चारों ओर ऑर्बिट में, सैटेलाइट, सोलर पैनल से बिजली बना सकती है, जिसके लिए उसे सूरज की रोशनी भी मिल जाएगी. अंतरिक्ष में धरती की तरह रात नहीं होती और कूलिंग आसान होती है. कूलिंग मैंटेन रखने के लिए अंतरिक्ष की ठंड मदद करेगी. मस्क का कहना है कि इसकी ऑपरेटिंग कॉस्ट कम होगी.
ऑर्बिटल डाटा सेंटर के तौर पर करेगा काम:
बता दें कि इस खबर से कुछ ही दिन पहले SpaceX ने अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशन्स कमीशन (FCC) से दस लाख तक सैटेलाइट लॉन्च करने की इजाजत मांगी थी. ये सैटेलाइट सिर्फ इंटरनेट ही उपलब्ध नहीं कराएगी, बल्कि ऑर्बिटल डाटा सेंटर के तौर पर भी काम करेगी. इनमें हर सैटेलाइट के अंदर AI टास्क चलाने के लिए मजबूत कंप्यूटर होंगे. सैटेलाइट को खास लो-अर्थ ऑर्बिट में रखा जाएगा जिससे वो लगभग हर समय सूरज की रोशनी में रहें.
मस्क का मानना है कि ये स्पेस डाटा सेंटर अरबों लोगों के लिए AI टूल को सपोर्ट करेगा. इसके साथ ही ह्यूमैनिटी को एक मल्टी-प्लेनेटरी बनने में भी मदद करेगा. मस्क ने अनुमान लगाया है कि केवल दो से तीन सालों में, स्पेस में AI कंप्यूटिंग करना बड़े AI मॉडल को ट्रेन करने और बहुत ज्यादा डाटा प्रोसेस करने का सबसे सस्ता तरीका बन सकता है. यह धरती पर बड़े, ज्यादा बिजली खाने वाले सेंटर बनाने से ज्यादा फास्ट होगा. इसमें खर्च भी काफी कम आएगा.