'सही दिशा में आगे बढ़ रहे है...', पीएम मोदी ने डिफेंस-स्पेस में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना की
प्रधानमंत्री मोदी ने आर्य समाज की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस समूह की 150वीं वर्षगांठ का अवसर राष्ट्र की वैदिक पहचान और आत्म-नवीकरण की भावना का उत्सव है.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भारत के रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए इसे देश की प्रगतिशील दिशा का प्रतिबिंब बताया. नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल ही में राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी, उनके साथ स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह भी थीं, जो भारत की पहली महिला राफेल पायलटों में से एक हैं.
उन्होंने कहा कि यह अग्रिम पंक्ति की रक्षा भूमिकाओं में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति का प्रतीक है. आज हमारी बेटियां लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं और ड्रोन दीदी बनकर आधुनिक कृषि को भी बढ़ावा दे रही हैं. आज हम गर्व से कह सकते हैं कि दुनिया में सबसे ज़्यादा महिला STEM स्नातक भारत में हैं. आज, महिलाएं विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा रही हैं.
पीएम ने आर्य समाज की सेवाओं की सराहना की
प्रधानमंत्री मोदी ने आर्य समाज की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस समूह की 150वीं वर्षगांठ का अवसर राष्ट्र की वैदिक पहचान और आत्म-नवीकरण की भावना का उत्सव है. प्रधानमंत्री मोदी ने महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती और आर्य समाज द्वारा समाज सेवा की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में स्मारक सिक्के भी जारी किए.
उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी एक समुदाय या संप्रदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय सभ्यता के दर्शन का सार दर्शाता है. उन्होंने कहा, आर्य समाज की स्थापना की 150वीं वर्षगांठ केवल समाज के किसी एक हिस्से या संप्रदाय से जुड़ी नहीं है. यह अवसर संपूर्ण भारत की वैदिक अस्मिता से जुड़ा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने आर्य समाज के आदर्शों की तुलना गंगा के पवित्र प्रवाह से करते हुए कहा कि दोनों ही स्वयं को निरंतर परिष्कृत और पुनर्जीवित करने की शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस संगठन के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती एक दूरदर्शी व्यक्ति थे, जिन्होंने महिलाओं की मुक्ति के लिए काम किया और ऐसी संस्थाओं की स्थापना की जो आज भी देश की सेवा कर रही हैं.
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि किस प्रकार स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित आंदोलन ने स्वतंत्रता संग्राम में नैतिक और वैचारिक ऊर्जा का संचार किया तथा अनगिनत क्रांतिकारियों को स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि लाला लाजपत राय और राम प्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारियों ने आर्य समाज से प्रेरणा ली थी.
अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025
यह महासम्मेलन, महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती और आर्य समाज की समाज सेवा के 150 वर्षों के उपलक्ष्य में आयोजित ज्ञान ज्योति महोत्सव का एक प्रमुख हिस्सा है. इस सम्मेलन में भारत और विदेशों में आर्य समाज की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए हैं. इसमें 'सेवा के 150 स्वर्णिम वर्ष' शीर्षक से एक प्रदर्शनी भी शामिल है, जो शिक्षा, सामाजिक सुधार और आध्यात्मिक उत्थान में आर्य समाज के योगदान के माध्यम से उसकी परिवर्तनकारी यात्रा को प्रदर्शित करती है.