PM Modi Jammu Kashmir Visit: क्या कहता है पीएम मोदी का इशारा, हैरान कर देगी इस तस्वीर की कहानी!
PM Modi Jammu Kashmir Visit: प्रधानमंत्री मोदी आज जम्मू-कश्मीर दौरे पर पहुंचे. इस दौरान पीएम मोदी का एक तस्वीर काफी वायरल रहा. इस तस्वीर में पीएम मोदी एक पहाड़ की ओर इशारा कर रहे हैं. आइए जानते हैं इस तस्वीर के जरिए प्रधानमंत्री क्या संदेश देना चाहते हैं.
PM Modi Jammu Kashmir Visit: पीएम मोदी आज जम्मू-कश्मीर दौरे पर पहुंची और श्रीनगर में कई विकास परियोजनाओं का अनावरण किया. पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान की एक तस्वीर अब सुर्खियों में है. इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि पीएम मोदी एक पहाड़ की ओर इशारा कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि इस तस्वीर के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने एक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश है. इस तस्वीर को पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर शेयर भी किया है. तस्वीर को शेयर करते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि थोड़ी देर पहले श्रीनगर पहुंचने पर भव्य शंकराचार्य हिल को दूर से देखने का अवसर मिला है.
राजनीति में हर तस्वीर के अलग अलग मायने होते हैं इसलिए पीएम मोदी के इस तस्वीर के लेकर भी कई मायने निकाले जा रहे हैं. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पीएम मोदी द्वारा शंकराचार्य हिल का जिक्र करना कश्मीरी पंडितों को साधने के लिए एक कदम माना जा रहा है. दरअसल, प्रधानमंत्री जिस शंकराचार्य के बारे में बात में रहे हैं उनसे कश्मीरी पंडितों का गहरा लगाव था. आइए जानते हैं श्रीनगर के शंकराचार्य हिल की पूरी कहानी.
शंकराचार्य पहाड़ी का इतिहास
कश्मीर की खूबसूरत वादियों में करीब 1100 फीट की ऊंचाई पर एक पहाड़ी नजर आती है. इस पहाड़ी को शंकराचार्य पहाड़ी के नाम से जाना जाता है. खूबसूरती के साथ साथ इस पहाड़ के कई इतिहास और धार्मिक महत्व भी है. कहा जाता है कि 8वीं शताब्दी में शंकराचार्य कश्मीर आए थे और उन्होंने इसी पहाड़ी पर तपस्या की थी. शंकराचार्य के इस पहाड़ी पर तपस्या करने के बाद से ही इसका नाम शंकराचार्य पड़ गया. मान्यताओं के अनुसार शंकराचार्य ने इसी पहाड़ी पर शिव की आराधना की थी. यहीं पर उन्होंने शक्ति के स्वरूप और उसकी महानता के प्रत्यक्ष प्रमाण को अनुभव भी किया था. शंकराचार्य पहाड़ी न केवल धार्मिक स्थल है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है.
शंकराचार्य पहाड़ी की संरचना
शंकराचार्य पहाड़ी डल झील और कश्मीर की खूबसूरत वादियों के बीच बसा हुआ है. इस पहाड़ी तक पहुंचने के कई रास्ते हैं लेकिन पैदल मार्ग सबसे सुगुम है. नीचे से ऊपर पहुंचने के लिए 250 सीढ़ियां बनाई गई है.कहा जाता है कि यह पहाड़ी ज्वालामुखी विस्फोटों से बना है. पहाड़ी की चोटी पर स्थित है प्राचीन शंकराचार्य मंदिर. मंदिर एक शिव मंदिर है और इसका निर्माण कश्मीरी शैली में किया गया है. मंदिर एक ऊंचे चबूतरे पर बना है और इसमें एक गर्भगृह और एक मंडप है. गर्भगृह में ज्योतिषेश्वर के रूप में भगवान शिव की पूजा की जाती है.