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'आपका गर्मजोशी से स्वागत है...', PM मोदी ने तारीक रहमान को भारत आने का दिया न्योता; क्या पटरी पर आएंगे दोनों देशों के बिगड़े रिश्ते?

पीएम मोदी ने तारिक रहमान को चुनाव में जीत और प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक शुभकामनाएं दी. उन्होंने लिखा कि बांग्लादेश ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए नया नेतृत्व चुना है, जो देश को स्थिरता और विकास की ओर ले जाएगा.

Anuj

नई दिल्ली: बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के साथ ही भारत ने कूटनीतिक सक्रियता दिखाते हुए रिश्तों को मजबूती देने का संकेत दिया है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ढाका में प्रधानमंत्री तारीक रहमान से मुलाकात की और पीएम मोदी का विशेष पत्र सौंपा.

इस पत्र में चुनावी जीत की बधाई के साथ भारत आने का निमंत्रण भी शामिल है. दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने की उम्मीदें एक बार फिर तेज हो गई हैं.

बधाई और निमंत्रण का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में तारिक रहमान को चुनाव में जीत और प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक शुभकामनाएं दी. उन्होंने लिखा कि बांग्लादेश ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए नया नेतृत्व चुना है, जो देश को स्थिरता और विकास की ओर ले जाएगा. पत्र में रहमान, उनकी पत्नी डॉ. जुबैदा और बेटी जाइमा को भारत आने का निमंत्रण भी दिया गया. संदेश में दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता का उल्लेख किया गया.

पीएम मोदी ने पहले भी भेजा था पत्र

पिछले वर्ष दिसंबर में प्रधानमंत्री मोदी ने रहमान को शोक संदेश भी भेजा था. यह पत्र विदेश मंत्री एस. जयशंकर के माध्यम से भेजा गया था, जब रहमान की मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन हुआ था. पीएम मोदी ने 2015 में ढाका में हुई अपनी मुलाकात को याद करते हुए खालिदा जिया के योगदान की सराहना की थी. उन्होंने भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया था.

शपथ ग्रहण में भारत की मौजूदगी

बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शपथ समारोह में प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया था. हालांकि, मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण वे शामिल नहीं हो सके. उनकी ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शपथ समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया. बिरला ने कहा कि भारत बांग्लादेश के लोकतांत्रिक और समावेशी विकास में सहयोग के लिए तैयार है.

सहयोग का नया अध्याय शुरू होगा?

अंतरिम सरकार के दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों में कुछ तनाव देखने को मिला था. अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरों ने नई दिल्ली की चिंता बढ़ाई थी. अब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की स्पष्ट जीत के बाद भारत सतर्क आशावाद की नीति अपना रहा है. एक्सपर्ट का मानना है कि तारिक रहमान आर्थिक और क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता देंगे, जिससे सहयोग का नया अध्याय शुरू हो सकता है.

आगे की राह और कूटनीतिक संकेत

नई सरकार के गठन के बाद दोनों देशों के बीच संवाद की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है. व्यापार, सीमा प्रबंधन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर चर्चा बढ़ सकती है. भारत ने साफ संकेत दिया है कि वह पड़ोसी देश के साथ भरोसे और पारस्परिक सम्मान के आधार पर आगे बढ़ना चाहता है.