menu-icon
India Daily

आज ही फुल करवा लें टंकी, पेट्रोल के दामों में होने जा रही भारी बढ़ोतरी!

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के कारण भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम पंद्रह रुपये तक बढ़ने की आशंका है.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
आज ही फुल करवा लें टंकी, पेट्रोल के दामों में होने जा रही भारी बढ़ोतरी!
Courtesy: X

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव का असर भारत में दिख रहा है. चुनावों के कारण कंपनियों ने दाम नहीं बढ़ाए थ, लेकिन अब दबाव चरम पर पहुंच गया है. रिपोर्ट्स में 15 मई से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बीस रुपये तक भारी बढ़ोतरी की आशंका है. इसी डर के चलते लोग गाड़ियों के टैंक फुल कराने के लिए पेट्रोल पंपों की तरफ तेजी से भाग रहे हैं.

पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें

देश के कई हिस्सों में घबराहट के कारण ईंधन की जमकर खरीदारी हो रही है. दिल्ली-एनसीआर से लेकर गुजरात तक पेट्रोल पंपों पर हाहाकार दिखा. राजस्थान के अलवर और गुजरात के महिसागर में पंपों पर 'ईंधन नहीं' या 'स्टॉक नहीं' के बोर्ड लटक गए हैं. सूरत में फ्यूल भरवाने के लिए गाड़ियों की भारी कतारें देखी गई.

तेल कंपनियों पर भारी दबाव

इस संभावित उछाल के पीछे असल वजह कंपनियों का भारी घाटा है. गुरुग्राम पेट्रोल पंप एसोसिएशन के मुताबिक, तेल कंपनियों को लगातार भारी नुकसान हो रहा है. इसके कारण पेट्रोल में बीस रुपये और डीजल में पंद्रह रुपये तक की वृद्धि हो सकती है. हालांकि, कंपनियां एक साथ पूरा बोझ डालने के बजाय कीमतों को धीरे-धीरे बढ़ाएंगी. फरीदाबाद में भी संचालकों ने स्पष्ट किया कि कच्चे तेल के महंगे होने से सरकार के लिए सब्सिडी देना अब मुश्किल है.

महंगाई का डर

पेट्रोल के दामों में भारी उछाल की बात से आम आदमी की नींद उड़ गई है. पटना और फरीदाबाद के लोगों ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि फ्यूल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च सीधे तौर पर बढ़ जाएगा. इससे रोजमर्रा के जरूरी सामान महंगे होंगे. ग्राहकों ने कहा कि पेट्रोल डलवाना उनकी मजबूरी है, बस सप्लाई में रुकावट न आए.

जनता की राय

संभावित तेल संकट को लेकर देश में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हैं. दिल्ली और नोएडा के लोगों का कहना है कि राष्ट्रहित और मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए दाम बढ़ते हैं, तो कोई आपत्ति नहीं है. वहीं, वाराणसी में आम लोग महंगाई का झटका सहने को तैयार हैं. एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि यदि ईंधन पहुंच से बाहर हुआ, तो मजबूरी में लोग गाड़ियां छोड़कर फिर साइकिल चलाना शुरू कर देंगे.