Raghav Chadha: संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है. आज इस सत्र का आठवां दिन है. जिसमें पक्ष-विपक्ष के बीच जबरदस्त बहस देखने को मिल रहा है. संसद में बुधवार को आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्डा ने जनता की समस्या को लेकर आवाज उठाया. इस दौरान उन्होंने सरकार पर जमकर हमला बोला है.
भारत में हवाई यात्रा के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. राज्यसभा में भारतीय वायुयान विधेयक पर चर्चा के दौरान चड्ढा ने बढ़ती कीमतें, भीड़भाड़ वाले हवाई अड्डे और उच्च सामान शुल्क के मुद्दे पर बात की.
चड्ढा ने कहा कि इकोनॉमी क्लास जिसे कभी किफायती और आम आदमी के लिए उपयुक्त माना जाता था अब अधिकांश यात्रियों के लिए आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं रही. उन्होंने अपनी व्यक्तिगत यात्रा का उदाहरण देते हुए बताया कि घरेलू उड़ानों के लिए हवाई किराए अब अनुचित रूप से बढ़ गए हैं. आज इस सदन में बहस में आने से पहले मैं अपने फोन पर फ्लाइट के किराए की जांच कर रहा था. अगर मुझे कल दिल्ली से मुंबई जाना है तो टिकट की कीमत 14,000 रुपये है. दिल्ली से पटना के लिए सबसे सस्ता एकतरफा टिकट 12,000 रुपये है और दिल्ली से बेंगलुरु के लिए 16,000 रुपये का है.
''फ्लाइट का इंतजार कर रहा यात्री पानी पीकर पेट भर रहा है कि कहीं 250 रुपए की चाय और 3 सौ का समोसा ना खरीदना पड़ जाए.''
— Gaurav Shyama Pandey (@Gauraw2297) December 4, 2024
बात तो सही है pic.twitter.com/Yohe9T1R9u
राघव चड्ढा ने अपनी हालिया यात्रा का उदाहरण भी दिया. जिसमें उन्होंने मोहाली एयरपोर्ट से चंडीगढ़ एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट ली और दिल्ली पहुंचे. इस फ्लाइट का किराया 14,500 रुपये था. चड्ढा ने यह भी कहा कि सांसदों को फ्लाइट का किराया वापस मिलता है लेकिन आम नागरिक इन आसमान छूते टिकट की कीमतों से जूझ रहे हैं. सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने किफायती हवाई यात्रा का वादा किया था, लेकिन अब तक इस वादे को पूरा करने में पूरी तरह से विफल रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने हवाई यात्रा को आम जनता के लिए सुलभ और किफायती बनाने के बजाय, इसे महंगा और असहनीय बना दिया है. चड्ढा ने यह भी बताया कि बढ़ती टिकट कीमतों के साथ-साथ हवाई अड्डों पर भीड़भाड़ और सामान शुल्क में बढ़ोतरी जैसी समस्याएं यात्रियों के लिए मुश्किलें और भी बढ़ा रही हैं. इस पर उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि सरकार ने इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो हवाई यात्रा आम नागरिकों के लिए एक सपने जैसा बनकर रह जाएगा.