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स्पीकर ओम बिरला की अपील के बाद लोकसभा में गतिरोध खत्म, आज पेपर लीक विरोधी बिल पर होगी चर्चा

सरकार और विपक्ष के बीच चल रहा गतिरोध खत्म हुआ. अब लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा होगी, जानिए क्या है इस बिल में खास.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: सरकार और विपक्ष के बीच चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की पहल के बाद दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हो गए हैं कि एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा की जाएगी. यह चर्चा मंगलवार को लोकसभा में होगी. सूत्रों के अनुसार, सभी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर बहस के लिए तैयार हो गए हैं.

केंद्र सरकार ने “पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल 2026” को लोकसभा में पेश किया था. यह बिल पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए लाया गया है, लेकिन जैसे ही यह बिल सदन में पेश हुआ, विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और सरकार से माफी की मांग करने लगा. विपक्ष का कहना था कि हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई गलत थी.

ओम बिरला ने की सरकार और विपक्ष दोनों से बातचीत: 

स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे. इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पहल करते हुए सरकार और विपक्ष दोनों से बातचीत की. उन्होंने सभी नेताओं से कहा कि यह मामला देश के करोड़ों छात्रों और उनके भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इस पर गंभीर और खुली चर्चा होनी चाहिए. बिरला ने सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक की, जिसके बाद गतिरोध खत्म हो गया. अब सभी पार्टियां इस बिल पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं.


बिल में किए गए कई सख्त प्रावधान:

अगर इस बिल की बात करें तो इसमें कई सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं. पेपर लीक के मामलों की जांच के लिए हर राज्य में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव है, ताकि मामलों का जल्दी निपटारा हो सके. इसके साथ ही जांच को दो महीने के अंदर पूरा करने की बात भी कही गई है.

इस बिल में दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है. पेपर लीक में शामिल लोगों को 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. वहीं, अगर कोई संगठित गिरोह इसमें शामिल पाया जाता है तो उस पर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

पिछले हफ्ते केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी:

इस बिल को पिछले हफ्ते केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक जैसी घटनाओं को गंभीर बताते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं करेगी और दोषियों को हर हाल में सजा मिलेगी.