नई दिल्ली: आज से संसद का बजट सत्र शुरू होने वाला है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को औपचारिक संबोधन के साथ सत्र शुरू होगा. यह सत्र 28 जनवरी को शुरू होगा और 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें कुल 30 संसदीय बैठकें होंगी. संसदीय परंपरा के अनुसार, बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसके बीच में ब्रेक होगा.
बता दें कि पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा. इसमें मुख्य रूप से राष्ट्रपति के संबोधन, धन्यवाद प्रस्ताव और बजट से संबंधित प्रारंभिक चर्चाओं पर फोकस किया जाएगा. इसके बाद सत्र के बीच में ब्रेक होगा. फिर दूसरा चरण 9 मार्च से फिर से शुरू होगा और 2 अप्रैल को खत्म होगा. इस दौरान बजटीय आवंटन, विधेयकों और अन्य विधायी कार्यों पर बहस किए जाने की उम्मीद है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लोकसभा में बजट पेश करने वाली हैं. इसे लेकर उम्मीद की जा रही है कि बजट में सरकार की फिस्कल स्ट्रैटिजी, स्पेंडिंग प्रायोरिटी और इकोनॉमिक रोडमैप पर बात की जाएगी. सत्र से पहले, सरकार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई.
ऐसी बैठकें प्रमुख संसदीय सत्रों से पहले कस्टम का हिस्सा होती हैं. इनका फोकस आम सहमति बनाना, सदन के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करना और राजनीतिक दलों को उन प्रमुख मुद्दों को उठाने की अनुमति देना है जिन्हें वे सत्र के दौरान उठाना चाहते हैं.
संसद सत्र में विपक्ष मनरेगा और एसआईआर को लेकर बात करने की योजना बना रहा है. हालांकि, सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी है. उम्मीद है कि ये मुद्दे पार्टी के संसदीय हस्तक्षेपों का मुख्य आधार बनेंगे. बता दें कि मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर बैठक की. बैठक में सत्र के लिए पार्टी के दृष्टिकोण को अंतिम रूप देने पर ध्यान फोकस किया गया. इस मीटिंग में क्या-क्या हुआ, यहां क्लिक कर जानें
इस मीटिंग में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे, जिससे पता चलता है कि पार्टी अपनी संसदीय रणनीति को कितनी अहमियत दे रही है. इसके अलावा, खड़गे ने बजट सेशन से पहले विपक्ष की एक साथ रणनीति को फाइनल करने के लिए बुधवार सुबह एक और मीटिंग बुलाई है.