डिजिटल हनीट्रैप में भारत के लड़कों को फंसा रहा पाकिस्तान, सोशल मीडिया बना जासूसी का हथियार

पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर सोशल मीडिया के जरिए भारतीय नागरिकों को डिजिटल हनीट्रैप में फंसा रहे हैं. पंजाब और हरियाणा में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए फंंसाया जा रहा है.

Pinterest
Km Jaya

नई दिल्ली: भारत में पाकिस्तान से जुड़े डिजिटल हनीट्रैप के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय नागरिकों को भावनात्मक जाल में फंसाकर संवेदनशील जानकारियां हासिल की जा रही हैं. चिंता की बात यह है कि इस जाल का शिकार सिर्फ वयस्क नहीं, बल्कि नाबालिग भी हो रहे हैं. हाल ही में पंजाब और हरियाणा में 24 घंटे के भीतर सामने आए दो मामलों ने इस खतरे को उजागर कर दिया है.

पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने 15 साल के एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, आतंकी संगठनों और पाकिस्तानी सेना से जुड़े लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां साझा की हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि नाबालिग को सोशल मीडिया के जरिए निशाना बनाया गया. धीरे धीरे उसे पाकिस्तान से जुड़े अकाउंट्स के संपर्क में लाया गया और भरोसा जीतकर उससे जानकारी ली गई.

कैसे हनीट्रैप में फंसा नाबालिग?

पुलिस के अनुसार पाकिस्तानी हैंडलरों ने नाबालिग की भावनात्मक कमजोरी का फायदा उठाया. उसे यह यकीन दिलाने की कोशिश की गई कि उसके पिता की हत्या कर दी गई है. इस झूठी जानकारी ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया और इसी हालात का इस्तेमाल कर उसे हनीट्रैप में फंसा लिया गया. हालांकि जांच में पिता की हत्या से जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला है. 

पुलिस का कहना है कि नाबालिग करीब एक साल तक पाकिस्तान से जुड़े गैंगस्टरों और आतंकी नेटवर्क के संपर्क में रहा. आरोप है कि उसने संवेदनशील स्थानों के वीडियो भी साझा किए. जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि कितनी और किस तरह की जानकारी लीक हुई है.

हरियाणा के अंबाला का क्या है मामला?

इसी तरह का एक और मामला हरियाणा के अंबाला से सामने आया है. यहां एयरफोर्स स्टेशन में काम करने वाले ठेकेदार सुनील उर्फ सनी को जासूसी के शक में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार वह साल 2020 से एयरफोर्स बेस पर मरम्मत का काम कर रहा था. जांच में पता चला कि वह एक महिला के संपर्क में था, जो उससे रक्षा से जुड़ी जानकारियां मांगती थी. मोबाइल फोन की जांच में कई संदिग्ध सामग्री मिली है.