OMG! महिला किसान ने बोली ऐसी अंग्रेजी कि अंग्रेजों को भी आ जाए शर्म
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में फसलों की 109 ज्यादा उपज देने वाली, जलवायु अनुकूल और जैव-सशक्त किस्में जारी कीं. इस मौके पर पीएम ने किसानों और वैज्ञानिकों से बात की. पीएम ने कहा कि इस प्रयास से कम लागत में ज्यादा उत्पादन के साथ ही पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में फसलों की 109 ज्यादा उपज देने वाली, जलवायु अनुकूल और जैव-सशक्त किस्में जारी कीं. इस मौके पर पीएम ने किसानों, नई तकनीक का इस्तेमाल कर खेती करने वाले किसानों और वैज्ञानिकों से बात की. पीएम ने कहा कि इस प्रयास से कम लागत में ज्यादा उत्पादन के साथ ही पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
जब महिला किसान ने बोली फर्राटेदार अंग्रेजी
इस दौरान पीएम मोदी ने जिन किसानों से बात की, उनमें एक ऐसी महिला किसान भी मौजूद थी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है. कहने को तो यह महिला एक किसान है, लेकिन इस महिला की जुबान से ऐसी फर्राटेदार अंग्रेजी निकली की सब देखते ही रह गए.
फसल की नई किस्मों से दोगुनी होगी किसानों की आय
अनीता डागर ऑर्गेनिक फार्मिंग यानी जैविक खेती करती हैं. अनीता को भी पीएम मोदी से बात करने का मौका मिला. प्रधानमंत्री से बातचीत को लेकर अनीता ने कहा, 'यह एक सपने के सच होने जैसा है. हम लंबे समय से प्रधानमंत्री मोदी से बात करने का इंतजार कर रहे थे...पीएम के साथ बातचीत शानदार रही...फसलों की नई किस्मों के साथ किसानों की आय दोगुनी होगी. जैसा कि इन दिनों बड़े पैमाने पर जलवायु परिवर्तन देखने को मिल रहा है, फसलों की इन किस्मों से किसानों को बहुत फायदा मिलने वाला है.'
ऑर्गेनिक खेती करती हैं अनीता
अनीता नई दिल्ली के गांव मलिकपुर की रहने वाली हैं और पर्यावरण के अनुकूल मानी जाने वाली जैविक और नेचुरल खेती करती हैं. अनीता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बहुत ही शानदार कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम आचार्य देवव्रत जी के सीधे संपर्क में थे जो नेचुरल फार्मिंग के क्षेत्र में अकल्पनीय काम कर रहे हैं इसलिए हम आज के दिन के लिए बहुत ज्यादा उत्सुक थे. प्रधानमंत्री मोदी के साथ हमारी बातचीत शानदार रही.
इन किस्मों से मिलेंगे ज्यादा पोषक तत्व
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने आज जो फसलों की 109 किस्में लॉन्च की हैं उनसे यकीनी तौर पर किसानों की आय दोगुनी होने वाली है. इन किस्मों से किसानों को बड़े पैमाने पर फायदा मिलेगा क्योंकि फसल की इन किस्मों में जलवायु परिवर्तन से लड़ने की विशेष प्रकार की क्षमताएं हैं और इनमें पोषक तत्वों की मात्रा भी ज्यादा है जो कि भारत में आज पैदा होने वाले खाने में नहीं है. अनीता ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार हमने 45 प्रतिशत पोषक तत्वों को खो दिया है, इसलिए इन किस्मों के दम पर हमारी फसलों में एक बहुत बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है.