पश्चिम बंगाल की चर्चित नंदीग्राम विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है. बीजेपी की उम्मीदवार हसीरानी रथ ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के मिलन प्रधान को 1,22,753 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हरा दिया. चुनाव आयोग की ओर से शुक्रवार को नतीजे घोषित किए गए.
हसीरानी रथ ने नंदीग्राम सीट पर कुल 1,64,427 वोट हासिल किए. वहीं कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 41,674 वोट मिले. इस तरह दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर 1.22 लाख से अधिक रहा. नंदीग्राम जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में बीजेपी की यह जीत पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
HISTORIC & UNPRECEDENTED 🪷 NANDIGRAM SCRIPTS HISTORY. Heartiest Congratulations to Smt. Hasi Rani Rath for this monumental victory in the Nandigram Assembly By-Election, shattering all previous victory margins ever recorded in the sacred soil of Nandigram. I bow in deepest gratitude before the generous People of Nandigram for this historic & record-breaking mandate. Nandigram has emphatically reaffirmed its unshakeable faith in the development politics of Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi Ji and the dynamic Central BJP Leadership under the guidance of @BJP4India President Shri @NitinNabin Ji, Shri @blsanthosh Ji, Shri @AmitShah Ji. This result is an overwhelming endorsement of our new BJP Government in West Bengal and our pro-people, transparent and development-driven governance. The People have clearly spoken, West Bengal chooses progress over misrule and chaos. A grand salute to our indefatigable Karyakartas, grassroots warriors and organizational leaders. Your relentless sweat, unwavering courage and sleepless nights on the ground made this glorious triumph possible. Jai Jai Nandigram 🙏
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) October 9, 2026
हसीरानी रथ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मारे गए निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं. उनके चुनाव मैदान में उतरने के कारण इस उपचुनाव को लेकर भी काफी राजनीतिक चर्चा रही. नतीजों में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया.
नंदीग्राम उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा कई अन्य उम्मीदवार भी मैदान में थे. हालांकि, इनमें से कोई भी बीजेपी उम्मीदवार के मुकाबले चुनौती पेश नहीं कर सका.
लेफ्ट फ्रंट, आईएसएफ और बागी टीएमसी धड़े डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा सके. सीपीआई के उम्मीदवार शांति गोपाल गिरि 5,779 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. बीजेपी और कांग्रेस के बाद उनका प्रदर्शन काफी पीछे रहा.
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से बेहद महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र रहा है. वर्ष 2011 में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन ने नंदीग्राम को राज्य की राजनीति के केंद्र में ला दिया था. इसी आंदोलन ने तृणमूल कांग्रेस को पश्चिम बंगाल की सत्ता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी.
इसके बाद नंदीग्राम एक बार फिर वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान सुर्खियों में आया. उस चुनाव में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था. अधिकारी ने इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में ममता बनर्जी को हरा दिया था.
अब उपचुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत ने नंदीग्राम में पार्टी की स्थिति को और मजबूत करने का संकेत दिया है. हसीरानी रथ की 1,22,753 वोटों की जीत ने इस सीट पर बीजेपी के प्रभाव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है.
नंदीग्राम का यह नतीजा ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच लगातार राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलता रहा है. रिकॉर्ड अंतर से मिली इस जीत को बीजेपी के लिए नंदीग्राम में महत्वपूर्ण राजनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है.