Shubhendu Adhikari Statement: बिहार में चल रहे SIR यानी संपूर्ण मतदाता सूची संशोधन अभ्यास को लेकर मचा सियासी बवाल अब पश्चिम बंगाल तक पहुंच गया है. भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि राज्य की मतदाता सूची में करीब एक करोड़ रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठिए शामिल हैं. उन्होंने चुनाव आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग की, अन्यथा मतदान की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं.
हावड़ा में पत्रकारों से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में मृतक, डुप्लीकेट और फर्जी वोटरों की भरमार है. राज्य में एक करोड़ तक अवैध घुसपैठिए वोटिंग प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं. अगर ECI ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो लोकतंत्र पर खतरा मंडराएगा.
#WATCH | Howrah, West Bengal | State Assembly LoP and BJP leader Suvendu Adhikari says, "...There are nearly one crore Rohingya immigrants, Bangladeshi Muslim voters, deceased voters, duplicate entries, and fake voters in West Bengal. The Election Commission of India should… pic.twitter.com/tFqROXIlTb
— ANI (@ANI) August 3, 2025Also Read
सिर्फ शुभेंदु ही नहीं, बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी ममता बनर्जी सरकार पर सीधा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार राज्य मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है और बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता सूची में शामिल करवा रही है. बारासात से मध्यमग्राम तक फर्जी वोटर कार्ड बनाए जा रहे हैं और BLO अधिकारियों को धमकाया जा रहा है ताकि अवैध नाम सूची में बने रहें. उन्होंने दावा किया कि यह वोट बैंक की राजनीति है, जिसे टीएमसी बढ़ावा दे रही है.
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर भाजपा और भारत निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मेरे पास सबूतों का एटम बम है. चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर वोट चोरी में शामिल है. जब हम सबूत सामने लाएंगे, तो पूरा देश देखेगा कि कैसे लोकतंत्र से खिलवाड़ किया जा रहा है.
इन तीखे आरोपों के जवाब में चुनाव आयोग ने तत्काल प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा कि भारत की चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष है. आयोग ने मतदाताओं से अपील की कि वे अफवाहों और राजनीतिक बयानों से भ्रमित न हों. आयोग सभी शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगा.
बिहार में चल रहे SIR अभ्यास को लेकर पहले से ही NDA और विपक्षी INDIA गठबंधन के बीच तीखा टकराव देखने को मिल रहा है. अब बंगाल में यह विवाद और गहरा गया है, जिससे यह स्पष्ट है कि 2025 के चुनावों से पहले राजनीतिक पारा और चढ़ने वाला है.