Budget 2026

'चपरासी चुनने के लिए भी मैं LG के दफ्तर के बाहर नहीं बैठूंगा...', ऐसा क्यों बोले उमर अब्दुल्ला?

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर एनसी चुनाव जीतती है तो संभावना है कि नई केंद्र शासित विधानसभा में यह प्रस्ताव पारित कर सकती है कि हम अनुच्छेद 370 को निरस्त करना स्वीकार नहीं करते हैं.  उन्होंने कहा कि इससे जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आएगा लेकिन यह कुछ ऐसा नहीं है जिसे नजरअंदाज  किया जा सके.

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India Daily Live

Jammu Kashmir News: 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से हटाए गए अनुच्छेद 370 के बाद सितंबर 2024 में वहां पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहा है. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए तैयार है. हालांकि उन्होंने कहा साफ किया कि वह इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे.

मैं एलजी के सामने गिड़गिड़ा नहीं सकता

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं. यह बात मैंने बिल्कुल साफ कर दी है. उन्होंने कहा, 'मैं एक ताकतवर राज्य का मुख्यमंत्री रहा हूं और मैं खुद को एक ऐसी स्थिति में नहीं देख सकता जहां मुझे एक चपरासी की नियुक्ति के लिए भी एलजी के पास जाना पड़े. मैं एलजी के वेटिंग रूम के बाहर बैठकर उनसे यह नहीं कह सकता कि मान्यवर, कृपया फाइल पर साइन कर दीजिए.'

अनुच्छेद 370 को निरस्त करना स्वीकार नहीं
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर एनसी चुनाव जीतती है तो संभावना है कि नई केंद्र शासित विधानसभा में यह प्रस्ताव पारित कर सकती है कि हम अनुच्छेद 370 को निरस्त करना स्वीकार नहीं करते हैं.  उन्होंने कहा कि इससे जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आएगा लेकिन यह कुछ ऐसा नहीं है जिसे नजरअंदाज  किया जा सके.

अनुच्छे 370 को निरस्त करने की 5वीं वर्षगांठ पर आपके अनुसार कौन से बदलाव अपरिवर्तनीय हैं?

इस सवाल पर एनसी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नेशलल कॉन्फ्रेंस जैसी पार्टी के लिए मुझे नहीं लगता कि हम यह स्वीकार करेंगे कि कुछ भी अपरिवर्तनीय है. आखिरकार ये सब कानून हैं, नियम हैं, संसद के निर्णय हैं. संसद का कोई भी निर्णय अपरिवर्तनीय नहीं होता. कल आप संसद में बैठ सकते हैं और इनस फैसलों पर फिर से विचार कर सकते हैं. यही बात अदालत के फैसलों पर भी लागू होती है.