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दिल्ली ब्लास्ट के लिए कहां से आया विस्फोटक? जांच एजेंसियों को गुजरात पर शक!

दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसी एनआईए ने बड़ा खुलासा किया है. इस घटना में इस्तेमाल हुए विस्फोटक को गुजरात से लाने का शक है.

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दिल्ली ब्लास्ट के लिए कहां से आया विस्फोटक? जांच एजेंसियों को गुजरात पर शक!
Courtesy: X

नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट ने पूरे देश को हिला कर रख दिया. इस हमले में 13 लोगों की जान चली गई. अब जांच एजेंसियां इस बात की तह तक जा रही हैं कि विस्फोटक कहां से आया. 

खास तौर पर अमोनियम नाइट्रेट नाम के इस खतरनाक पदार्थ पर संदेह की सुई गुजरात की ओर घूम रही है. फोरेंसिक टीम दिन-रात जांच में जुटी है ताकि स्रोत का पता चल सके.

गुजरात से विस्फोटक आने का शक

जांच करने वाली टीमों को लगता है कि विस्फोट में इस्तेमाल अमोनियम नाइट्रेट गुजरात से लाया गया हो सकता है. यह एक ऐसा रसायन है जो खाद बनाने में इस्तेमाल होता है लेकिन गलत हाथों में पड़ जाए तो बड़ा धमाका कर सकता है. 

एजेंसियां अब गुजरात के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई चेन की जांच कर रही हैं. फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह शक सही है या नहीं.

जम्मू-कश्मीर में छापों का दौर

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाई है. गुरुवार को कश्मीर के कई जिलों में 13 से ज्यादा जगहों पर छापे मारे गए. इनमें एक डॉक्टर समेत करीब 10 लोगों को पकड़ा गया. पिछले दो हफ्तों में तो पूरे इलाके में 500 से अधिक ठिकानों पर तलाशी ली जा चुकी है.

बडगाम, अनंतनाग, पुलवामा और कुलगाम जैसे जिलों से संदिग्धों को उठाया गया. पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त कर लिए. पूछताछ में विदेश यात्राओं के बारे में सवाल किए जा रहे हैं. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि छापेमारी अभी और चलेगी.

सफेदपोश आतंकियों का नेटवर्क

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पूरे मामले की कमान संभाल रही है. वह अलग-अलग राज्यों में फैले उन लोगों के तार जोड़ रही है जो बाहर से पढ़े-लिखे लगते हैं, लेकिन अंदर से आतंक का समर्थन करते हैं. अब तक तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक महिला भी शामिल है.

हमला करने वाला चौथा डॉक्टर उमर नबी था, जिसने घबराहट में कार में धमाका कर खुद को और दूसरों को मार डाला. जांच में पता चला कि ये डॉक्टर श्रीनगर के एक मेडिकल कॉलेज में 2018 से एक-दूसरे को जानते थे.

उत्तर प्रदेश से भी जुड़े तार

उत्तर प्रदेश की एटीएस ने कानपुर से एक मेडिकल छात्र मोहम्मद आरिफ को हिरासत में लिया. वह कार्डियोलॉजी की पढ़ाई कर रहा था. आरिफ पर शक तब हुआ जब गिरफ्तार डॉक्टर सईद ने पूछताछ में उसका नाम लिया. डॉक्टर सईद जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से जुड़े मॉड्यूल का हिस्सा था.