केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता किरेन रिजिजू ने न्यू यॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर प्रदर्शन के दौरान भारतीय राष्ट्रध्वज के साथ की गई बदसलूकी की कड़े शब्दों में निंदा की है. रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर चेतावनी देते हुए कहा कि आरएसएस, भाजपा या सरकार की आलोचना करना स्वीकार्य है, लेकिन भारत और उसके तिरंगे का अपमान किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह ऐसा करने वालों को बहुत भारी पड़ेगा.
यह विवाद शनिवार, 29 अगस्त को उस समय सामने आया जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत मैडिसन स्क्वायर गार्डन के इन्फोसिस थिएटर में आयोजित 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. भागवत के इस कार्यक्रम का विरोध करने के लिए प्रतिबंधित संगठन 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारी वहां एकत्र हुए थे. प्रदर्शनकारियों ने सरकार व आरएसएस विरोधी नारेबाजी की और भागवत का विरोध किया.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को तिरंगे का घोर अपमान करते देखा गया. एक वीडियो में एक प्रदर्शनकारी भारतीय झंडे को अपने पैर से बांधकर कैमरे के सामने पोज देता दिखा, जबकि दूसरे वीडियो में उपद्रवी तिरंगे को फाड़ते और जश्न मनाते नजर आए. प्रदर्शनकारियों ने हाथ में आरएसएस और भारत सरकार के खिलाफ पोस्टर ले रखे थे और आरएसएस प्रमुख के कटआउट पर जूतों की माला भी टांग रखी थी.
We always said, you have freedom to criticize RSS, BJP or Govt. but don't abuse our nation.
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 30, 2026
ध्यान से सुनें.. हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान मत करो। यह तुम्हें बहुत ज़्यादा महंगा पड़ेगा। pic.twitter.com/THH2kT49yc
मोहन भागवत आरएसएस के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम के तहत तीन देशों की यात्रा पर न्यू यॉर्क पहुंचे थे. उन्हें 'अमेरिकन हिंदूस फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग' (AHEAD) द्वारा इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था. हालांकि, भारत सरकार द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित SFJ और अन्य भारत विरोधी समूहों ने इस आयोजन के खिलाफ प्रदर्शन किया. इससे पहले अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने भी भागवत के दौरे का विरोध किया था.