NEET पेपर लीक मामला: सीबीआई ने केमिस्ट्री के प्रोफेसर को किया गिरफ्तार, बताया सरगना

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने पुणे से केमिस्ट्री के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है. कुलकर्णी को ही इस पूरे मामले का सरगना बताया है.

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Sagar Bhardwaj

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नीट पेपर लीक मामले में बड़ी सफलता मिली है. जांच एजेंसी ने पुणे के रहने वाले केमिस्ट्री के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उसे इस पूरे ऑपरेशन का सरगना बताया है. पुलिस ने कहा कि आरोपी कथित तौर पर राष्टीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है और इस ऑपरेशन का मुख्य सूत्रधार है.

एजेंसी ने कहा कि उसकी जांच से पता चला है कि एनटीए की ओर से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रसायन विज्ञान के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी की नीट-यूजी 2026 के प्रश्न पत्रों तक सीधी पहुंच थी और उसने कथित तौर पर 3 मई को आयोजित परीक्षा से पहले रसायन विज्ञान के प्रश्न पत्र के कुछ हिस्सों को लीक कर दिया था. सीबीआई ने दावा किया कि कुलकर्णी ने परीक्षा से पहले प्राइवेट ट्यूशन के दौरान पेपर के प्रश्नों को लीक कर दिया था.

कुलकर्णी लातूर के दयानंद कालेज में बतौर केमिस्ट्री के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत था जो अब रिटायर हो चुका है. आरोपी मनीषा वाघमारे से पूछताछ के बाद सीबीआई कुलकर्णी तक पहुंची और लंबी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया.

जांच एजेंसी के मुताबिक, अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते में कुलकर्णी ने मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को इकट्ठा किया और परीक्षा से पहले पुणे स्थित अपने घर में स्पेशल कोचिंग क्लासेस चलाईं और उन्हें परीक्षा में आने वाले प्रश्नों को हल करवाया. जांच में सामने आया कि ये वही प्रश्न थे जो जो 3 मई 2026 को हुई नीट-यूजी की परीक्षा से मेल खाते हैं.

अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमें से 5 आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. सीबीआई इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए पूरे देश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है. इस दौरान कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल फोन जब्त किये गए हैं. फिलहाल इन जब्त सामानों की फोरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है.

सीबीआई ने यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था. शिकायत में पेपर के कथित तौर पर लीक होने का आरोप लगाया गया था. सीबीआई का कहना है कि अब केमिस्ट्री पेपर लीक के असली स्रोत और उन बिचौलियों का पता चल गया है जिन्होंने लाखों रुपए लेकर छात्रों को इन विशेष कोचिंग क्लासेस तक पहुंचाया. एजेंसी ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष, व्यापक और पेशेवर जांच जारी रहेगी.