मुंबई: हाल ही में एनसीपी नेता अजित पवार की विमान हादसे में मौत हो गई थी, जिसके बाद राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की प्रतिक्रिया भी सामने आई थी. इस बीच उनके भतीजे और विधायक रोहित पवार ने मीडिया के सामने जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि यह मामला केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि जवाबदेही से जुड़ा है.
रोहित पवार ने बताया कि अजित पवार की यात्रा पहले सड़क मार्ग से तय थी. आखिरी समय में हवाई यात्रा का फैसला कैसे और क्यों लिया गया, यह स्पष्ट नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि क्या इस बदलाव के पीछे कोई ठोस कारण था या फिर किसी स्तर पर लापरवाही हुई. एक वरिष्ठ नेता की यात्रा में ऐसे फैसले संदेह पैदा करते हैं.
उन्होंने विमान उड़ाने वाले पायलटों को अंतिम समय में बदले जाने पर भी चिंता जताई. मुख्य पायलट की जगह दूसरे पायलटों को क्यों लाया गया. हांगकांग से लौटे पायलट की भूमिका और उसकी फिटनेस की जांच हुई या नहीं, इस पर भी जवाब मांगा गया है. रोहित पवार ने पायलटों की मेडिकल और शराब जांच रिकॉर्ड की मांग की.
दुर्घटना के समय न तो कोई संकट संदेश भेजा गया और न ही ट्रांसपोंडर सक्रिय था. रोहित पवार ने पूछा कि क्या विमान के चेतावनी सिस्टम काम कर रहे थे. क्या उड़ान से पहले सभी जरूरी तकनीकी जांच पूरी हुई थी. इन सवालों के जवाब अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.
उन्होंने विमान ऑपरेटर कंपनी के पिछले रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए कहा कि पहले की घटनाओं की रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं हुई. मेंटेनेंस प्रक्रिया, पायलट ड्यूटी आवर्स और ईंधन नीति जैसी बातों की गहन जांच जरूरी है. उनका कहना है कि पुराने मामलों से सबक न लेना इस हादसे की वजह बन सकता है.
रोहित पवार ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य अटकलें नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाना है. उन्होंने भारत के साथ-साथ अमेरिका या फ्रांस जैसी अंतरराष्ट्रीय विमानन एजेंसियों को जांच में शामिल करने की मांग की. उनका मानना है कि पारदर्शी और समयबद्ध जांच से ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है.