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India Daily

15 अगस्त पर अगर तिरंगे का होते दिखे अपमान तो यहां करें शिकायत

15 अगस्त के बाद सड़क या कचरे में पड़ा तिरंगा दिखे तो उसे सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखें. जानबूझकर तिरंगे का अपमान करने वाले व्यक्ति या संस्था की शिकायत पुलिस या जिला प्रशासन से की जा सकती है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
15 अगस्त पर अगर तिरंगे का होते दिखे अपमान तो यहां करें शिकायत
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: 15 अगस्त को पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मनाता है. इस मौके पर सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में ध्वजारोहण किया जाता है. इसके अलावा लोग अपने घरों, दुकानों और वाहनों पर भी तिरंगा लगाते हैं. 

हालांकि, स्वतंत्रता दिवस के बाद कई बार कागज और प्लास्टिक के तिरंगे सड़कों, नालियों और कूड़े के ढेर में पड़े दिखाई देते हैं. राष्ट्रीय ध्वज का इस तरह अपमान करना कानून के तहत गंभीर मामला हो सकता है.

सड़क पर तिरंगा मिले तो क्या करें?

अगर आपको सड़क या किसी सार्वजनिक स्थान पर तिरंगा पड़ा हुआ दिखाई दे, तो सबसे पहले सावधानी से उसे उठाएं. ध्यान रखें कि झंडे पर पैर न पड़े और उसे किसी अन्य कचरे के साथ न मिलाया जाए. तिरंगे को साफ और सुरक्षित जगह पर रखें. क्षतिग्रस्त या गंदे झंडे का निस्तारण भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार सम्मानजनक तरीके से किया जाना चाहिए.

कहां कर सकते हैं शिकायत?

अगर कोई व्यक्ति, दुकानदार या संस्था जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करता है या बड़ी संख्या में तिरंगे कचरे में फेंकता है, तो नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत की जा सकती है. इसके अलावा स्थानीय प्रशासन या जिला कलेक्टर कार्यालय में भी मामले की जानकारी दी जा सकती है. शिकायत करते समय घटना की जगह, समय और उपलब्ध फोटो या वीडियो जैसी जानकारी देना उपयोगी हो सकता है.

क्या कहता है कानून?

राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े नियम भारतीय ध्वज संहिता और Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 में दिए गए हैं. जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज को जलाना, फाड़ना, कुचलना या किसी अन्य तरीके से उसका अपमान करना दंडनीय अपराध है. कानून के तहत दोषी व्यक्ति को तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है.

खराब तिरंगे का कैसे करें निस्तारण?

भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार फटे, गंदे या खराब हो चुके तिरंगे को सम्मान के साथ नष्ट किया जाना चाहिए. ऐसे झंडे को निजी तौर पर पूरी गरिमा के साथ जलाया या उपयुक्त तरीके से दफन किया जा सकता है. निस्तारण की प्रक्रिया शांत और सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए. तिरंगे को सामान्य कचरे में फेंकना उचित नहीं है.