'देवेंद्र फडणवीस को गिरफ्तार करना चाहती थी MVA, मैंने विरोध किया तो...', सीएम शिंदे के गंभीर आरोप
एकनाथ शिंदे ने कहा जब मैंने इसे गलत काम बताते हुए इसका विरोध किया तो उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है. यह सब ठीक है. उन्होंने हमें परेशान किया था इसलिए हमें ये सब करना होगा और हम करेंगे. उन्होंने शहर की जमीन बिक्री के मामले में मुझे भी फंसाने की योजना बनाई.
Maharashtra News: महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पक्ष-विपक्ष में जुबानी जंग तेज हो गई है. इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूर्व की महाविकास अघाड़ी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी सरकार ने मुझे और देवेंद्र फडणवीस को गिरफ्तार करने की योजना बनाई थी.
जब मैंने विरोध किया तो...
एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में सीएम शिंदे ने कहा, 'बीजेपी को तोड़ने और उसे बैकफुट पर लाने के लिए महाविकास अघाड़ी सरकार ने देवेंद्र फडणवीस को गिरफ्तार करने की योजना बनाई थी, जब मैंने इसका विरोध किया तो उन्होंने मुझे भी गिरफ्तार करने की योजना बनाई.'
उन्होंने कहा इसमें कुछ गलत नहीं है
एकनाथ शिंदे ने कहा जब मैंने इसे गलत काम बताते हुए इसका विरोध किया तो उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है. यह सब ठीक है. उन्होंने हमें परेशान किया था इसलिए हमें ये सब करना होगा और हम करेंगे. उन्होंने शहर की जमीन बिक्री के मामले में मुझे भी फंसाने की योजना बनाई. मुझे संदेह था क्योंकि मैंने कुछ अधिकारियों से ऐसा सुना था लेकिन जब मैं सीएम बना तो मुझे पूरी योजना का पता चला.
लोकसभा चुनाव के नतीजों पर सीएम शिंदे ने कहा, 'शिवसेना के मुख्य मतदाता यूबीटी गुट से ट्रांसफर हो गए और उन्हें (शिवसेना-यूबीटी) जो भी वोट मिले वो अल्पसंख्यकों के थे जो कि कांग्रेस के थे और अस्थाई हैं.' उन्होंने कहा, 'अगर हम प्रतिशत के आधार पर देखें तो हमारा वोट प्रतिशत अधिक है. महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच सिर्फ 0.2 और 0.3 का अंतर है.'
जेड प्लस सुरक्षा देने से कर दिया था इनकार
सीएम शिंदे ने का कि जब मैं शहरी विकास मंत्री था तो मैंने गढ़चिरौली के विकास के लिए प्रस्ताव पारित किया था जिसके लिए नक्सलियों ने मुझे जान से मारने की धमकी दी थी, धमकी मिलने के बाद भी तत्कालीनी गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुझे जेड प्लस सिक्योरिटी देने से इंकार कर दिया था.
काम में करते थे हस्तक्षेप
एकनाथ शिंदे ने कहा कि उद्धव ठाकरे की सरकार के दौरान उनके परिवार के लोग भी मंत्रालय के काम में हस्तक्षेप करते थे, जब मैंने उद्धव ठाकरे से इसकी शिकायत की तो कार्रवाई के बजाय उन्होंने अजीब व्यवहार करना शुरू कर दिया था.