'हिंदू लड़कियां आजकल मुसलमानों को ज्यादा पसंद कर रही हैं', मुंबई में महिला टेलीकॉलर को मुस्लिम सहकर्मी ने भेजे अश्लील मैसेज

मुंबई की एक कॉरपोरेट कंपनी में काम करने वाली महिला टेलीकॉलर ने अपने मुस्लिम सहकर्मी पर अश्लील मैसेज भेजने, यौन संबंध का प्रस्ताव देने और आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने का आरोप लगाया है.

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Km Jaya

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक में TCS BPO यूनिट में महिलाओं के उत्पीड़न को लेकर चल रहा विवाद और तेज होता जा रहा है. इसी बीच मुंबई में एक मामला सामने आया है जिसमें एक हिंदू महिला जो एक बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी में टेलीकॉलर के तौर पर काम करती है. उसको उसके एक मुस्लिम सहकर्मी से अश्लील मैसेज मिले हैं. पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, अगरिपाड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह महिला मुंबई की एक जानी-मानी कॉर्पोरेट कंपनी के लिए थर्ड-पार्टी टेलीकॉलर के तौर पर काम करती है. उसे अपने एक सहकर्मी से अश्लील मैसेज मिले. आरोपी जिसकी पहचान अशरफ़ के तौर पर हुई है, उसके खिलाफ अगरिपाड़ा पुलिस स्टेशन में BNS की धारा 75, 78(2) और 70 के तहत साथ ही IT एक्ट 2000 के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

पुलिस ने क्यों किया गिरफ्तार?

पुलिस ने अशरफ़ को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी ने न सिर्फ बार-बार मैसेज करके उससे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, बल्कि अश्लील तस्वीरें भी भेजीं और उसकी महिला सहकर्मियों के बारे में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया.

पीड़िता ने पुलिस को क्या बताया?

पुलिस को दिए अपने बयान में पीड़िता ने बताया कि जब उसने अशरफ़ को बताया कि वह एक हिंदू है, तो उसने पलटकर कहा कि आजकल, हिंदू लड़कियां मुसलमानों को ज़्यादा पसंद करती हैं. यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब महाराष्ट्र में कॉर्पोरेट जिहाद को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से ही काफी ज्यादा है. 

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब नासिक के टीसीएस बीपीओ यूनिट में भी महिलाओं के उत्पीड़न और हिंदू महिलाओं को निशाना बनाए जाने के आरोपों को लेकर राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म है. वहां भी जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है और कंपनी प्रबंधन भी मामले की आंतरिक जांच कर रहा है.

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने कॉरपोरेट सेक्टर में महिला सुरक्षा, कार्यस्थल पर सम्मान और धार्मिक संवेदनशीलता जैसे मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है. महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना अब सबसे बड़ी जरूरत बन गई है.