मुंबई के कांदिवली इलाके में हुई एटीएम कैश वैन लूट ने कुछ समय के लिए हड़कंप मचा दिया था, लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई ने इस घटना को बड़ी वारदात बनने से पहले ही रोक दिया. महज छह घंटे के भीतर पुलिस ने न सिर्फ मामले को सुलझा लिया, बल्कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई ज्यादातर रकम भी बरामद कर ली. इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात को अंजाम देने वाला शख्स उसी कंपनी में काम करता था.
इस लूट की सबसे अहम कड़ी आरोपी सुशांत कसारे निकला, जो कैश हैंडलिंग कंपनी में काम करता था. पुलिस के मुताबिक, उसने पूरी योजना पहले से तैयार कर रखी थी और मौके का फायदा उठाते हुए वारदात को अंजाम दिया. उसने एटीएम पर पहुंचे कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड का ध्यान भटकाया और उसी दौरान कैश से भरे दो बैग लेकर फरार हो गया. यह साफ दिखाता है कि आरोपी को पूरी प्रक्रिया की जानकारी थी, जिससे उसने बिना शक पैदा किए इस अपराध को अंजाम दिया.
यह घटना 21 अप्रैल की रात करीब 9:40 बजे की है, जब एक कैश वैन कांदिवली वेस्ट के एक एटीएम में पैसे भरने पहुंची थी. इसी दौरान आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर वैन को लूटने की योजना बनाई. इसके बाद वह बाहर पहले से खड़ी कार में बैठकर वह मौके से भाग निकला. पुलिस को सूचना मिलते ही इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की गई. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
पुलिस ने मोबाइल ट्रैकिंग और तकनीकी विश्लेषण की मदद से आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया. जांच में सामने आया कि आरोपी मुंबई-गोवा हाईवे की ओर बढ़ रहे हैं. आरोपियों को पकड़ने के लिए तुरंत टीमों को सक्रिय किया गया और उनका पीछा शुरू हुआ. पीछा करते हुए रायगढ़ जिले के पेन तालुका के पास पुलिस ने वाहन को घेर लिया और मुख्य आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया. उसके पास से करीब 62.74 लाख रुपये बरामद हुए, जो चोरी की गई रकम का बड़ा हिस्सा था.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी साजिश बेहद सोच-समझकर रची गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई होने से आरोपियों की योजना नाकाम हो गई. पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसने इस अपराध में वाहन उपलब्ध कराया था. फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इस साजिश में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं.