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'क्या करना है बोल?' पोस्ट से भड़की हिंसा, मुंबई में निवेशक सुशील केडिया के ऑफिस पर हमला; 5 MNS कार्यकर्ता हिरासत में

Mumbai Investor Attack: मुंबई में एक ऑनलाइन विवाद हिंसा में बदल गया जब निवेशक सुशील केडिया के ऑफिस पर हमला किया गया. MNS कार्यकर्ताओं ने हमला किया, जिसके बाद पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू की.

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Anvi Shukla

Mumbai Investor Attack: मुंबई में मराठी भाषा को लेकर शुरू हुआ एक ऑनलाइन विवाद शनिवार को हिंसा में बदल गया, जब मशहूर निवेशक सुशील केडिया के वर्ली स्थित ऑफिस पर हमला किया गया. हमला कथित तौर पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) से जुड़े कार्यकर्ताओं ने किया. पुलिस ने मामले में 5 MNS कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है.

3 जुलाई को X (पूर्व ट्विटर) पर सुशील केडिया ने एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, 'मैं मुंबई में 30 साल से रह रहा हूं, फिर भी मराठी नहीं सीख पाया और अब मैंने प्रण लिया है कि जब तक मराठी मानुष के नाम पर कुछ लोग नाटक करते रहेंगे, मैं मराठी नहीं सीखूंगा. क्या करना है बोल?' यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और मराठी समर्थकों में आक्रोश फैल गया.

MNS का कड़ा जवाब

MNS नेता संदीप देशपांडे ने इस पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा, 'तुम व्यापारी हो तो व्यापार करो, बाप बनने की कोशिश मत करो. महाराष्ट्र में मराठी का अपमान करोगे तो थप्पड़ पड़ेगा, वरना अपनी औकात में रहो.' शनिवार सुबह वर्ली के सेंटुरी बाजार के पास केडिया के ऑफिस पर कुछ अज्ञात लोग पहुंचे. उन्होंने राज ठाकरे के समर्थन में नारेबाजी की और ऑफिस पर पत्थरबाजी की. हालांकि, किसी के घायल होने की खबर नहीं है. पुलिस ने जांच के बाद पांच MNS समर्थकों को हिरासत में लिया.


हमले के कुछ घंटों बाद सुशील केडिया ने X पर एक वीडियो जारी करते हुए राज ठाकरे से माफी मांगी. उन्होंने लिखा, 'मैं श्री राज ठाकरे जी से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि मेरी विनम्र बात को स्वीकार करें.'

पहले भी मिल चुकी थीं धमकियां

हमले से पहले ही सुशील केडिया ने मुंबई पुलिस को टैग कर ऑनलाइन धमकियों की जानकारी दी थी. उन्होंने X पर लिखा, 'श्री @RajThackeray के कार्यकर्ता मुझे धमकी दे रहे हैं. क्या महाराष्ट्र में आज एक भारतीय को गरिमा और सुरक्षा का अधिकार है?'

मीरा रोड में भी हुआ था ऐसा ही हमला

हाल ही में मीरा रोड में एक मिठाई दुकानदार को केवल मराठी न बोलने पर MNS कार्यकर्ताओं ने पीटा था. इस घटना का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद इलाके में दुकानदारों ने विरोध स्वरूप अपनी दुकानें बंद रखीं.