Bhojshala : ज्ञानवापी के बाद अब भोजशाला की मस्जिद का भी होगा ASI सर्वे, जानें क्या है पूरा मामला
ASI survey of Bhojshala Mosque: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने धार जिले की भोजशाला को लेकर बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने भोजशाला का एएसआई सर्वे कराने का आदेश दिया है.
ASI survey of Bhojshala Mosque: ज्ञानवापी का ASI सर्वे के बाद अब मध्य प्रदेश के धार जिले के विवादित स्थल भोजशाला को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने धार जिले के भोजशाला का एएसआई सर्वेक्षण कराने का आदेश दिया है. इस बात की जानकारी ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष पक्ष के वकील विष्णु शंकर ने दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर ये जानकारी दी है.
वकील विष्णु शंकर ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए लिखा कि उन्होंने हाई कोर्ट में भोजशाला को लेकर याचिका दायर कर ASI सर्वेक्षण की इजाजत मांगी थी, जिस पर उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए एएसआई सर्वेक्षण की अनुमति दे दी है.
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भोजशाला के मस्जिद को लेकर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने इंदौर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांग की थी. न्यायालय ने इस अपील को स्वीकार भी कर लिया है.
29 अप्रैल को होगी सुनवाई
याचिका में मांग की गई थी कि भोजशाला में नमाज पढ़ने से रोका जाए और हिंदुओं को नियमित तौर पर पूजा करने दिया जाए. इस मामले पर कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष सुनने के बाद राज्य शासन, केंद्र शासन सहित अन्य संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी करके उनसे इस संबंध में जवाब मांगा था.
हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए ASI सर्वे का आदेश दिया और 5 सदस्यीय कमेटी भी गठित की. यह कमेटी मामले की जांच करेगी. कोर्ट ने आदेश दिया है कि भोजशाला का सर्वे पूरा करके 29 अप्रैल तक रिपोर्ट सौंपी जाए. इस मामले पर अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होनी है.
मुगल काल में बनाई गई थी मस्जिद
मध्य प्रदेश के धार जिले के भोजशाला में परमार राजवंश के शासक ने यूनिवर्सिटी बनाई थी. बाद में आगे चलकर इस विश्वविद्यालय को मुगल काल में मस्जिद में परिवर्तित कर दिया गया था. इस मामले पर हिंदू पक्ष का कहना है कि यहां पहले सरस्वती का मंदिर हुआ करता था, जिसे गिराकर मस्जिद बनाई गई थी.
अभी फिलहाल हर मंगलवार को भोजशाला में हिंदुओं को पूजा करने और शुक्रवार को मुस्लिमों को नमाज अदा करने की इजाजत है.