Independence Day 2024: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि पड़ोसी देश में बहुत उत्पात हो रहे हैं, वहां रहने वाले हिंदू बंधुओं को बिना कारण ही उसकी गर्मी झेलनी पड़ रही है. राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के मुख्यालय में तिरंगा फहराने के बाद मोहन भागवत ने कहा कि भारतवर्ष ऐसा है कि इसका दायित्व है कि स्व की रक्षा और स्वयं की स्वतंत्रता तो है ही लेकिन भारतवर्ष की परंपरा ये भी रही है भारत अपने आपको दुनिया के उपकार के लिए बड़ा करता है. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आपने देखा होगा कि हमने किसी पर हमला नहीं किया। जब-जब जो सकंट में था हमने उसकी मदद की... ये हमारा देश है.
RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा कि हम अपना 78वां स्वतंत्रता दिन पूरा कर रहे हैं....देश में इस स्वतंत्रता के लिए बलिदान करने वाला समूह और उनके पीछे खड़े होने वाले समाज ये दोनों बाते जब बनी तब हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई... हमने जो बड़ी मेहनत से स्वतंत्रता पाई वो पीढ़ी तो चली गई लेकिन आने वाले पीढ़ी को स्व के रंग में रंगना और उसकी रक्षा करना हमारा दायित्व है.
#WATCH नागपुर (महाराष्ट्र): आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, "पड़ोसी देश में बहुत उत्पात हो रहे हैं वहां रहने वाले हिंदू बंधुओं को बिना कारण ही उसकी गर्मी झेलनी पड़ रही है। भारतवर्ष ऐसा है कि इसका दायित्व है कि स्व की रक्षा और स्वयं की स्वतंत्रता तो है ही लेकिन भारतवर्ष की परंपरा… https://t.co/ELHec1crXs pic.twitter.com/DDxWaPb5tK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 15, 2024Also Read
मोहन भागवत ने कहा कि आज का दिन देश के लिए चिंतन का दिन है. लेकिन केवल चिंतन से काम नहीं चलेगा. 1857 से संघर्ष जारी रहा, जिसके बाद हमें आजादी मिली. इसलिए आजादी के नायकों की बड़ी संख्या है. इनमें अहिंसक आंदोलन से लेकर क्रांतिकारी आंदोलन तक शामिल हैं. हालांकि, इन्हीं वीरों ने देश की आज़ादी के लिए लड़ाई लड़ी, लेकिन आम नागरिक देश के लिए सड़कों पर थे. हर किसी ने अपना काम किया. देश के लिए बलिदान देने वाले समूह और उनके पीछे खड़े समाज के कारण ही हमें आजादी मिली. उन्होंने यह भी कहा है कि आजादी दिलाने वाली पीढ़ी तो चली गई, लेकिन आज की पीढ़ी पर आजादी की रक्षा करने की जिम्मेदारी है.
डॉक्टर मोहन भागवत ने ये भी कहा कि हमने अपने देश को आजाद कराने के लिए जो रास्ता चुना है, उस पर चलना जरूरी है, इसके लिए संवैधानिक नियमों का पालन करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि देश में उपयुक्त माहौल बनाना हर किसी की जिम्मेदारी है.. इसके लिए हमें (समाज को) अपने जीवन की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान ढूंढना चाहिए.