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India Daily

फर्जी इन्वेस्टमेंट्स, जॉब्स के नाम पर ठगी कर रही थीं 100 से अधिक वेबसाइट्स, मोदी सरकार ने लगाया बैन

मंत्रालय ने कहा कि जांच में पता चला कि बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी से प्राप्त आय को कार्ड नेटवर्क, क्रिप्टो करेंसी, विदेशी ATM निकासी और अंतरराष्ट्रीय फिनटेक कंपनियों का यूज करके भारत से बाहर भेजा गया था. 

Om Pratap
Edited By: Om Pratap
फर्जी इन्वेस्टमेंट्स, जॉब्स के नाम पर ठगी कर रही थीं 100 से अधिक वेबसाइट्स, मोदी सरकार ने लगाया बैन

हाइलाइट्स

  • हेल्पलाइन और NCRP से भी मिली थीं शिकायतें
  • केंद्रीय गृह मंत्रालय से राज्यों ने की थी शिकायत

Modi Government MeitY blocks 100 websites: मोदी सरकार ने बुधवार को ऑनलाइन फर्जीवाड़ा करने वाले 100 से अधिक वेबसाइट्स पर बड़ा एक्शन लिया है. इन्वेस्टमेंट और पार्टी टाइम जॉब्स के नाम पर ठगी करने वाली फर्जी वेबसाइट्स को बैन कर दिया गया है. कहा जा रहा है कि ये सारी वेबसाइट्स देश के बाहर से चलाई जा रहीं थीं. इन वेबसाइट्स के जरिए भारत के इंटरनेट यूजर्स को निशाना बनाया जा रहा था. साथ ही देश की इकोनॉमी को भी टार्गेट किया जा रहा था. 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को चिट्ठी लिखी थी. चिट्ठी में इन फर्जी वेबसाइट्स को बैन करने के लिए कहा गया था. बता दें कि इससे पहले मोदी सरकार ने देश में करीब 250 चाइनीज ऐप को बैन किया था. जानकारी के मुताबिक, जिन ऐप्स को बैन किया गया था, वो भारतीय नागरिकों की संवेदनशील जानकारियां इकट्ठा कर रहीं थीं. कुछ मामलों में इन जानकारियों के गलत इस्तेमाल की खबरें भी आईं थीं. 

केंद्रीय गृह मंत्रालय से राज्यों ने की थी शिकायत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय से कई राज्यों ने फर्जी वेबसाइट्स की शिकायत की थी. साथ ही ऐसी वेबसाइट्स की पहचान कर उन्हें बैन करने की मांग की गई थी. राज्य सरकारों की ओर से मिली शिकायतों पर गौर करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ये कार्रवाई की है. 

गृह मंत्रालय के I4C डिवीजन ने अपने वर्टिकल नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) के माध्यम से पिछले हफ्ते 100 से अधिक फर्जीवाड़ा करने वाली वेबसाइटों की पहचान की थी. पहचान के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इन्हें बैन करने की सिफारिश की गई थी. सिफारिशों के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत अपनी शक्ति का इस्तेमाल करते हुए इन वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया.

हेल्पलाइन और NCRP से भी मिली थीं शिकायतें

मंत्रालय ने कहा कि जांच में पता चला कि बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी से प्राप्त आय को कार्ड नेटवर्क, क्रिप्टो करेंसी, विदेशी ATM निकासी और अंतरराष्ट्रीय फिनटेक कंपनियों का यूज करके भारत से बाहर भेजा गया था. इन धोखाधड़ी के संबंध में 1930 हेल्पलाइन और एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) के माध्यम से कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं. मंत्रालय ने कहा कि ये वेबसाइट्स नागरिकों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे.

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि साइबर अपराध पर अंकुश लगाने और लोगों को साइबर खतरे से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. नागरिकों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे ऐसे धोखेबाजों द्वारा इस्तेमाल किए गए फोन नंबरों और सोशल मीडिया हैंडल की तुरंत एनसीआरपी www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें.