भारतीय रेलवे का मेगा ब्लास्ट! इस रूट पर दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन
रेल मंत्रालय ने जींद-सोनीपत रूट पर भारत की पहली दैनिक हाइड्रोजन ट्रेन को मंजूरी दी. 75 किमी/घंटा की रफ्तार वाली यह ट्रेन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त और 'जीरो-एमिशन' तकनीक पर चलेगी.
भारतीय रेल इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है. रेल मंत्रालय ने देश की पहली दैनिक हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन सेवा को आधिकारिक मंजूरी दे दी है. यह अत्याधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच रफ्तार भरेगी. इस ऐतिहासिक शुरुआत के साथ ही भारत अब जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे दुनिया के उन चुनिंदा देशों की कतार में शामिल हो गया है, जो रेल परिवहन में हाइड्रोजन ईंधन जैसी भविष्य की तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं.
75 किमी की रफ्तार और 'जीरो एमिशन'
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस ट्रेन सेवा को गाड़ी संख्या 74010/74009 के रूप में संचालित किया जाएगा. 10 कोच वाले इस खास हाइड्रोजन फ्यूल सेल-बेस्ड ट्रेनसेट में 1200 किलोवाट का प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है, जिसकी बदौलत यह 75 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ सकेगी. सबसे खास बात यह है कि पारंपरिक डीजल इंजन के विपरीत, हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलने वाली इस ट्रेन से प्रदूषण बिल्कुल नहीं होगा. यह रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली पैदा करेगी, जिससे धुएं की जगह सिर्फ पानी की भाप उत्सर्जित होगी.
जींद में बना देश का पहला 'हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशन'
इस पायलट प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक चलाने के लिए जींद में ही एक स्वदेशी हाइड्रोजन स्टोरेज और रिफ्यूलिंग (ईंधन भरने की) सुविधा केंद्र स्थापित किया गया है. पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) ने यहां कंप्रेस्ड हाइड्रोजन गैस के भंडारण और वितरण के लिए जरूरी लाइसेंस भी जारी कर दिया है. सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस पूरे प्लांट में अत्याधुनिक हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर और फ्लेम डिटेक्टर लगाए गए हैं, जिनकी नियमित रूप से कड़ाई से जांच की जाएगी.
इन स्टेशनों पर रुकेगी देश की पहली ग्रीन ट्रेन
जींद से सोनीपत के बीच सफर करने वाले यात्रियों को इस आधुनिक सफर का तोहफा मिलने जा रहा है. अपने रूट पर यह ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भाम्भेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खानदराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी जैसे कमर्शियल स्टेशनों पर रुकेगी. इसके रखरखाव के लिए दिल्ली के शकूरबस्ती में विशेष एसओपी और सुरक्षा ऑडिट की व्यवस्था की गई है.