मेहुल चोकसी के आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 की पहली तस्वीरें जारी, भारत ने बेल्जियम अदालत को सौंपी रिपोर्ट

Mehul Choksi: भारत ने बेल्जियम अदालत को मुंबई की आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 की तस्वीरें सौंपीं, जहां प्रत्यर्पण के बाद भगोड़े व्यापारी मेहुल चोकसी को रखा जाएगा. तस्वीरों में दो सेल, निजी शौचालय और बुनियादी सुविधाएं दिखाई गईं. बेल्जियम अदालत ने भारत की जेलों को असुरक्षित बताने वाले चोकसी के दावे खारिज कर दिए. भारत ने आश्वासन दिया कि उसकी न्यायिक हिरासत और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.

Pictures accessed: Inside Mehul Choksi’s Barrack No 12 cell inside Arthur Road Jail in Mumbai
Anubhaw Mani Tripathi

First pictures of Mehul Choksi's barrack number 12 in Arthur Road Jail have been released: भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण (किसी ऐसे व्यक्ति को एक देश से दूसरे देश में सौंपने की कानूनी प्रक्रिया, जिसने अपराध किया हो, ताकि उस पर मुकदमा चलाया जा सके या उसे सजा दी जा सके.) मामले में भारत ने बेल्जियम अधिकारियों को मुंबई की आर्थर रोड जेल की पहली आधिकारिक तस्वीरें सौंप दी हैं. इन तस्वीरों में वह बैरक नंबर 12 दिखाई गई है, जहां चोकसी को प्रत्यर्पण के बाद रखा जाएगा.

Pictures accessed Inside Mehul Choksi’s Barrack No 12 cell inside Arthur Road Jail in Mumbai Mehul Choksi

भारत सरकार ने ये तस्वीरें बेल्जियम अदालत में इस दावे का जवाब देने के लिए भेजी हैं कि भारतीय जेलें भीड़भाड़ और असुरक्षित हैं. इंडिया टुडे द्वारा प्राप्त तस्वीरों के अनुसार, यह बैरक लगभग 46 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली है और इसमें दो सेल हैं, जिनमें निजी शौचालय और बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं.

चोकसी की निर्धारित कोठरी

आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, मेहुल चोकसी को मुंबई की उच्च-सुरक्षा आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा. वही जेल, जिसमें 26/11 के आतंकी अजमल कसाब को भी रखा गया था. इस बैरक में दो कमरे हैं, जिनमें स्वच्छता की सुविधाएं जुड़ी हुई हैं.

Mehul Choksi Pictures accessed Inside Mehul Choksi’s Barrack No 12 cell inside Arthur Road Jail in Mumbai

जेल प्रशासन के अनुसार, चोकसी को जेल परिसर के भीतर ही रखा जाएगा और केवल चिकित्सकीय जांच या अदालत में पेशी के दौरान ही बाहर लाया जाएगा. सरकार ने साफ किया है कि चोकसी की न्यायिक हिरासत होगी, यानी उसकी निगरानी जांच एजेंसी नहीं, बल्कि न्यायालय के अधीन अधिकारियों द्वारा की जाएगी.

बेल्जियम अदालत ने खारिज किए चोकसी के दावे

चोकसी के वकीलों ने बेल्जियम अदालत में दलील दी थी कि भारत की जेलें अमानवीय हैं और न्यायपालिका स्वतंत्र नहीं है. लेकिन अदालत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि प्रस्तुत रिपोर्टें असंबंधित मामलों पर आधारित हैं, जैसे सिख एक्टिविज़्म और तिहाड़ जेल की स्थितियां. इससे यह साबित नहीं होता कि चोकसी को भारत में व्यक्तिगत खतरा है.

अदालत ने यह भी कहा कि बड़े वित्तीय घोटालों पर मीडिया कवरेज स्वाभाविक है और इससे निष्पक्ष सुनवाई के अधिकारों का हनन नहीं होता. अदालत ने यह पाया कि चोकसी यह साबित नहीं कर सका कि उसे भारत में यातना, अनुचित मुकदमे या चिकित्सकीय लापरवाही का सामना करना पड़ेगा.

Mehul Choksi Pictures accessed Inside Mehul Choksi’s Barrack No 12 cell inside Arthur Road Jail in Mumbai

भारत की ओर से आश्वासन

भारत सरकार ने अपने जवाब में कहा कि मेहुल चोकसी के मानवाधिकार और स्वास्थ्य की पूरी सुरक्षा की जाएगी. सरकार ने बताया कि आर्थर रोड जेल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है और वहां पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हैं.

सरकार के अनुसार, “चोकसी को केवल बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा और उसे केवल चिकित्सा या अदालत की आवश्यकता पर ही बाहर ले जाया जाएगा. वह जांच एजेंसियों के नहीं, बल्कि भारतीय न्यायालयों के अधीन रहेगा." बेल्जियम अदालत के आदेश के बाद चोकसी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है. अदालत ने चोकसी के राजनीतिक प्रताड़ना और मानवाधिकार उल्लंघन के सभी आरोपों को निराधार करार दिया है.