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आईपीएस मिलिंद महादेव डुंबरे को विशिष्ट सेवा पदक, पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान को मिला सम्मान

दिल्ली में अपने कार्यकाल के दौरान मिलिंद डुंबरे ने उत्तर पश्चिम और दक्षिण पश्चिम जिला में डीसीपी के रूप में जटिल कानून-व्यवस्था की स्थितियों को सफलतापूर्वक संभाला.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
आईपीएस मिलिंद महादेव डुंबरे को विशिष्ट सेवा पदक, पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान को मिला सम्मान
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भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी श्री मिलिंद महादेव डुंबरे को उनकी सराहनीय और निष्ठापूर्ण सेवा के लिए विशिष्ट सेवा पदक (Medal for Meritorious Service – MSM) से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन्हें पुलिस और सार्वजनिक प्रशासन के क्षेत्र में लंबे समय तक दिए गए अहम योगदान के लिए दिया गया है.

विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सेवा

आईपीएस अधिकारी मिलिंद डुंबरे (AGMUT कैडर: 2006 बैच) ने अपने सेवा काल में देश के कई अहम क्षेत्रों में जिम्मेदारी निभाई है. उन्होंने मिजोरम, चंडीगढ़, पुडुचेरी, दमन और दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रभावी ढंग से कार्य किया. हर जगह उन्होंने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

दिल्ली में अहम जिम्मेदारियां

दिल्ली में अपने कार्यकाल के दौरान मिलिंद डुंबरे ने उत्तर पश्चिम और दक्षिण पश्चिम जिला में डीसीपी के रूप में जटिल कानून-व्यवस्था की स्थितियों को सफलतापूर्वक संभाला. उनकी कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता के लिए उन्हें दिल्ली पुलिस आयुक्त से कई बार सराहना भी मिली. इसके अलावा उन्होंने उत्तर दिल्ली नगर निगम में संयुक्त पुलिस आयुक्त के रूप में प्रशासनिक समन्वय को भी मजबूत किया.

पुलिस सुधार और आधुनिकीकरण पर जोर

अपने पूरे करियर में उन्होंने पुलिस बल के आधुनिकीकरण, क्षमता निर्माण और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया. उनके नेतृत्व में कई संस्थागत सुधार लागू किए गए, जिससे पुलिस की कार्यक्षमता और पारदर्शिता में सुधार हुआ.

जनता और पुलिस के बीच बेहतर संबंध

मिलिंद डुंबरे ने कम्युनिटी आउटरीच कार्यक्रमों के जरिए पुलिस और आम जनता के बीच भरोसे को मजबूत किया. इससे न केवल बेहतर सूचना तंत्र विकसित हुआ, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी मदद मिली.

सम्मान से बढ़ा मनोबल

विशिष्ट सेवा पदक मिलने से पुलिस विभाग में सकारात्मक संदेश गया है. यह सम्मान उनकी मेहनत, ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है. माना जा रहा है कि यह उपलब्धि युवा पुलिस अधिकारियों को भी बेहतर सेवा के लिए प्रेरित करेगी.