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मनीष सिसौदिया को सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका! जमानत के लिए दायर पुनर्विचार याचिका खारिज

केजरीवाल सरकार के पूर्व डिप्टी सीएम और दिल्ली शराब घोटाला मामले के आरोपी मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है.

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Avinash Kumar Singh
Manish Sisodia

हाइलाइट्स

  • मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका
  • जमानत के लिए दायर पुनर्विचार याचिका खारिज SC ने किया खारिज

नई दिल्ली: केजरीवाल सरकार के पूर्व डिप्टी सीएम और दिल्ली शराब घोटाला मामले के आरोपी मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करने के आदेश पर पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है. दरअसल 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने शराब नीति मामले में सिसोदिया को जमानत देने से साफ इंकार कर दिया था. 

'हमारी राय में समीक्षा का कोई मामला नहीं बनता'

उच्चतम न्यायालय की ओर से जमानत से इनकार के बाद मनीष सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट से इस आदेश की समीक्षा की गुहार लगाई थी. जिसे सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि यह कोई समीक्षा का मामला नहीं बनता है. SC ने समीक्षा याचिकाओं की मौखिक सुनवाई हेतु प्रार्थना को भी अस्वीकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा "हमने समीक्षा याचिकाओं का भी ध्यानपूर्वक अध्ययन किया है. ऐसे में इस फैसले के संबंध में हमारी राय में समीक्षा का कोई मामला नहीं बनता है. जमानत याचिका खारिज करने का फैसला 30 अक्टूबर को लिया गया था. ऐसे में समीक्षाएं खारिज की जाती हैं."

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से किया था इनकार 

सुप्रीम कोर्ट से पहले दिल्ली हाईकोर्ट भी सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है. बीते मई महीने में दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि सिसोदिया पर काफी गंभीर आरोप हैं. सिसोदिया दिल्ली सरकार में पूर्व डिप्टी सीएम भी रहे हैं. ऐसे में वो अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए उनको जमानत नहीं दी जा सकती.

मनीष सिसोदिया पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर आरोप

आबकारी नीति में हुए कथित घोटाले के मामले में मनीष सिसोदिया को बीते 26 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था. बीते दिनों सुनवाई के दौरान SC ने मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज करते हुए 6 से 8 महीने में ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने साफतौर पर निर्देश दिया था कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ मुकदमे को 6 से 8 महीने के भीतर पूरा किया जाना चाहिए. अगर मुकदमे की प्रक्रिया धीमी रहती है, तो सिसोदिया तीन महीने के भीतर फिर से जमानत के लिए याचिका दायर करने के लिए हकदार होंगे. अगर तीन महीने में ऐसा लगता है कि ट्रायल की रफ्तार धीमी है तो दोबारा से जमानत के लिए मनीष सिसोदिया याचिका डाल सकते हैं. दिल्ली आबकारी नीति मामले में कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप में मनीष सिसोदिया फिलहाल जेल में बंद हैं. इस मामले में सीबीआई और ईडी दोनों ने सिसोदिया के खिलाफ केस दर्ज की है. सिसोदिया के ऊपर दिल्ली शराब नीति में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग करने का गंभीर आरोप है.