Maharashtra Assembly Election: 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद अब विधानसभा चुनावों की तैयारी चल रही है. इस बीच समीक्षा के साथ एक दूसरे पर हार और कमजोर प्रदर्शन का ठीकरा फोड़ना जारी है. ऐसे में भाजपा के प्रदर्शन के कारण महाराष्ट्र लाइमलाइट में है. यहां से रोज कोई न कोई सुर्खी पर रही है. RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद BJP की घटी ब्रांड वैल्यू पर एक लेख ऑर्गेनाइजर ने छापा. इसमें सीधे तौर पर NCP (अजित पवार) को विलेन बताया गया. अब इसपर NCP नेता ने ऑर्गेनाइजर के पहचान पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं.
RSS के मुखपत्र ऑर्गनाइजर के नए अंक में अजीत पवार की अगुवाई वाली NCP को भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल करने को गलत बताया गया है. इसमें कहा गया है कि इससे भाजपा को "नुकसान" पहुंचा है. इसपर अजीत पवार की NCP के नेता का भी बयान आया है.
ऑर्गनाइजर के कॉलमनिस्ट और RSS सदस्य रतन शारदा ने लेख लिखा है. इसमें कहा गया कि लोकसभा चुनाव में दलबदलुओं को उम्मीदवार बनाकर कार्यकर्ताओं पर थोप दिया गया. इससे स्थानीय नेतृत्व के पास अवसर कम हुए. अच्छा प्रदर्शन करने वाले सांसदों को नजरअंदाज कर दिया गया. भाजपा मोदीजी के आभामंडल का आनंद ले रही लेकिन सड़क पर लोगों की आवाज नहीं सुनी गई.
रतन शारदा ने आगे लिखा अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी सरकार में शामिल हो गई. जबकि, भाजपा और शिवसेना के पास बहुमत था. इसके बाद भा भाजपा ने एक गलत कदम उठा लिया. इससे उसके कार्यकर्ताओं को चोट पहुंची है. क्योंकि, कांग्रेस के विचार वाले लोग उसके साथ आ गए और उसने अपने ब्रांड वैल्यू कम कर ली.
ऑर्गनाइजर में छपे लेख के बाद अजित के गुट वाले NCP नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. NCP प्रवक्ता अनमेश पाटिल ने तो यहां तक कह दिया कि ऑर्गेनाइजर संघ का आधिकारिक मुखपत्र नहीं है. न ही ये उनकी विचारधारा को प्रतिबिंबित नहीं करता है. मुझे नहीं लगता कि BJP के पदाधिकारी लेख से सहमत हैं. विफलता के लिए अलग-अलग कारण हो सकते हैं. मुझे नहीं लगता कि RSS ने जो कहा है उसमें कोई सच्चाई है.