MP News: आपने अकसर सरकारी कार्यक्रमों में पुलिस को नेताओं और अफसरों को सलामी देते देखा होगा, लेकिन मध्य प्रदेश में अब आपको ऐसा देखने को नहीं मिलेगा. जी हां, प्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे से अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही सलामी प्रथा को पूरी तरह से खत्म करने का निर्णय लिया है.
मुख्यमंत्री, मंत्री, अधिकारी किसी को सलामी नहीं
इस संबंध में मध्य स्पेशल डीजी शैलेष सिंह ने एक पत्र जारी किया है जिसमें लिखा है, 'राज्य शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण एवं पुलिस अधिकारियों को दी जाने वाली सलामी समाप्त की गई है। केवल राज्यपाल ही सलामी ले सकेंगे। किंतु देखने में आ रहा है कि उक्त पत्र का कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है जिससे परेड में लगे कर्मचारियों की ड्यूटियां प्रभावित होती है.'
मध्यप्रदेश सरकार का स्वागत योग्य निर्णय
पुलिस का काम है नागरिकों की सेवा करना
यूपी में योगी जी भी सलामी गार्द के लिए मना करते हैं pic.twitter.com/QYtY1svU1K— Asim Arun (@asim_arun) November 29, 2024Also Read
यह सरकार के फैसले का उल्लंघन
पत्र में आगे लिखा है, 'ऐसा कर शासन के निर्णय का उल्लंघन किया जा रहा है साथ ही यह प्रथा अंग्रेजों की याद दिलाती है। इसतरह सलामी लेना असंवैधानिक है जो कि उपनिवेशवाद (Colonialism rules) को दर्शाता है। पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में रहते हुये इसतरह शासन के निर्णय का उल्लंघन करना अधीनस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों पर गलत प्रभाव पड़ेगा जो कि अच्छी बात नहीं है। इसलिए आदेश का कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें.'
केवल राज्यपाल को सलामी
पत्र के मुताबिक, पुलिस केवल महामहिम राज्यपाल को ही सलामी देगी. पत्र के मुताबिक, इस तरह की सलामी असंवैधानिक है जो कि उपनिवेशवाद को दर्शाता है.