नई दिल्ली: भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है. केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को देश का अगला थल सेना प्रमुख नियुक्त करने की घोषणा की है. वह 30 जून 2026 को जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे, जो उसी दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं. लंबे सैन्य अनुभव और कई महत्वपूर्ण कमांड पदों पर सेवाएं दे चुके लेफ्टिनेंट जनरल सेठ को सेना की कमान सौंपे जाने को एक महत्वपूर्ण नियुक्ति माना जा रहा है.
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को जनरल के पद पर अगला चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति 30 जून 2026 से प्रभावी होगी. उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक रहेगा. इस घोषणा के साथ ही सेना के नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है.
लेफ्टिनेंट जनरल सेठ इस समय वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने अप्रैल 2026 में यह जिम्मेदारी संभाली थी. सेना के संचालन, रणनीतिक योजनाओं और संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है. वरिष्ठ स्तर पर उनका अनुभव उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए मजबूत दावेदार बनाता है.
नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कॉर्प्स में कमीशन मिला था. लगभग 40 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने विभिन्न ऑपरेशनल और रणनीतिक भूमिकाओं में काम किया. उनके करियर में क्षमता विकास, सैन्य योजना और संस्थागत नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल रहे हैं.
उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में एक आर्मर्ड रेजिमेंट, पश्चिमी मोर्चे पर एक आर्मर्ड ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स की कमान संभाली है. इसके अलावा वह सुदर्शन चक्र कॉर्प्स के कमांडर भी रहे हैं. दिल्ली एरिया, साउथ वेस्टर्न कमांड और सदर्न कमांड जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी उनके खाते में दर्ज हैं.
लेफ्टिनेंट जनरल सेठ उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने सेना की दो प्रमुख ऑपरेशनल कमांड का नेतृत्व किया है. लंबे समय तक विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों की निगरानी करने के कारण उन्हें सैन्य संचालन और राष्ट्रीय सुरक्षा की गहरी समझ हासिल है. सेना प्रमुख के रूप में उनसे आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप सैन्य क्षमता को और मजबूत करने की अपेक्षा की जा रही है.