मचने वाला है Exit Polls का हल्ला, जान लीजिए पिछली बार कितने सही हुए थे अनुमान
Exit Polls 2019: साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले जब एग्जिट पोल्स आए थे तो उन सबमें लगभग एक जैसी बात ही कही गई थी. उनका औसत जो था, नतीजे लगभग उसी के आसपास आए थे. अब इस साल के लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल्स कल आने वाले हैं.
लोकसभा चुनाव के सातवें चरण की सीटों पर कल यानी शनिवार को वोट डाले जाएंगे. चुनाव संबंधी नियमों के मुताबिक, चुनाव के दौरान किसी भी तरह के सर्वे या एग्जिट पोल नहीं दिखाए जा सकते हैं. यह समय सीमा शनिवार को आखिरी चरण की वोटिंग पूरी होने के बाद से खत्म हो जाएगी. ऐसे में तमाम न्यूज चैनलों पर एग्जिट पोल दिखाए जाएंगे. एग्जिट पोल दिखाने वाले चैनल भी यह बताते हुए चलते हैं कि ये अंतिम नतीजे नहीं हैं और परिणाम हमेशा एग्जिट पोल्स से अलग हो सकते हैं. कुछ अनुमान सही साबित होते हैं तो कुछ गलत भी साबित होते हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल आने से पहले आइए यह जान लेते हैं कि 2019 में एग्जिट पोल कितने सटीक साबित हुए थे.
दरअसल, कई एजेंसियां, चुनावी विश्लेषक, पत्रकार और अन्य लोग आम जनता से लगातार बातचीत करते रहते हैं. इस तरीके से कोई एजेंसी या संस्थान एक बड़े वर्ग की राय जानने की कोशिश करता है. कई बार सर्वे में अलग-अलग सवाल पूछे जाते हैं, कई बार सीधे यही पूछा जाता है कि आपने किसको वोट दिया. इन सबको मिलाकर एजेंसियां इस नतीजे पर पहुंचने की कोशिश करती हैं कि कौनसी पार्टी या उम्मीदवार चुनाव जीत रहा है.
क्या होता है एग्जिट पोल?
एग्जिट पोल का एक नियम यह है कि इसे वोट करके निकलने वाले मतदाताओं के आधार पर तैयार किया जाता है. एग्जिट पोल कराने वाली एजेंसियां का कहना है कि उनके प्रतिनिधि या पत्रकार पोलिंग बूथ पर मौजूद होते हैं और वही मतदाताओं की राय को दर्ज करते हैं. कई बार उम्मीदवार और कई बार मुद्दों को लेकर सवाल पूछे जाते हैं. रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट 1951 के मुताबिक, अगर कई चरण में वोट डाले जाने वाले हों तो जब तक आखिरी चरण की वोटिंग न हो जाए तब तक एग्जिट पोल के नतीजे जारी नहीं किए जा सकते हैं.
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अगर किसी न्यूज चैनल या सर्वे एजेंसी द्वारा इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. इसी कानून के तहत 2 साल की सजा हो सकती, जुर्माना हो सकता है या फिर दोनों हो सकते हैं.
2019 में क्या कह रहे थे एग्जिट पोल्स?
लोकसभा चुनाव 2019 के बाद आए एग्जिट पोल्स की बात करें तो ज्यादातर एग्जिट पोल्स में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके गठबंधन को जीत मिलती दिखाई दे रही थी. इसमें सबसे सटीक न्यूज-24-चाणक्य का साबित हुआ था. इस एग्जिट पोल में BJP और उसके गठबंधन को कुल 350 सीटें मिलती दिखाई गई थीं. अंतिम नतीजे आए तो NDA गठबंधन को कुल 353 सीटें मिलीं. इसी में कांग्रेस की अगुवाई वाले UPA को 95 सीटें दिखाई गई थीं और उसे आखिर में 90 सीटें मिलीं.
2019 में न्यूज एक्स-नेता के एग्जिट पोल में 242 सीटें, एबीपी नील्सन के एग्जिट पोल में 267 सीटें और इंडिया-न्यूज-पोल स्ट्रेट के एग्जिट पोल में कुल 298 सीटें NDA के खाते में दिखाई थीं. यानी कुल 9 में से 6 एग्जिट पोल ऐसे थे जिनमें NDA को 300+ सीटें मिलती दिखाई गई थीं. सिर्फ 3 एग्जिट पोल ही ऐसे थे जिन्होंने बीजेपी को 300 से नीचे दिखाया था. इसमें से सिर्फ दो ही ऐसे थे जिन्होंने बीजेपी को बहुमत से दूर दिखाया था.
यानी 2019 की बात करें तो लगभग सभी एग्जिट पोल्स ने बीजेपी को आगे दिखाया था और उनकी बात सच साबित हुई थी. अब इस साल क्या होने वाला है, इसके एग्जिट पोल्स कल यानी शनिवार शाम 6 बजे से आने शुरू हो जाएंगे.