शराबबंदी वाले गुजरात में नकली शराब का नेटवर्क! कच्छ में पुलिस की छापेमारी से मचा हड़कंप

गुजरात के कच्छ में पुलिस ने नकली शराब बनाने वाली एक फैक्ट्री का पता लगाकर करीब 10 हजार बोतलें और 600 लीटर रसायन बरामद किया है. कार्रवाई में दो संदिग्ध हिरासत में लिए गए.

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Meenu Singh

गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत के कुछ दिन बाद कच्छ में नकली शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. पुलिस ने आदिपुर में एक अस्थायी ठिकाने पर छापा मारकर हजारों खाली और शराब से भरी बोतलें बरामद की हैं. इन बोतलों पर एक चर्चित भारतीय निर्मित विदेशी शराब ब्रांड के लेबल लगे होने की बात सामने आई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली शराब का नेटवर्क कहां तक फैला है.

आदिपुर में पकड़ा गया नकली शराब का ठिकाना

सीमा रेंज के आईजी चिराग कोरडिया के मुताबिक, आदिपुर में बनाए गए अस्थायी कारखाने से 9,400 खाली बोतलें बरामद हुईं. इसके अलावा 180 मिलीलीटर क्षमता वाली शराब से भरी 600 बोतलें भी मिलीं. मौके से करीब 600 लीटर रसायन जब्त किया गया है. पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है.

मुंबई और मथुरा से जुड़े आरोपी

पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान मुंबई के हितेश बामनिया और उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी विजेंद्र जाट के रूप में हुई है. जांच एजेंसियां अब यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों की भूमिका क्या थी और नकली शराब तैयार करने के लिए सामग्री कहां से लाई जाती थी. पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई जारी रखने की बात कही है.


भावनगर कांड के बाद बढ़ी जांच

भावनगर की घटना में 67 लोगों द्वारा मेथनॉल युक्त शराब पीने की जानकारी सामने आई थी. इसी जहरीली शराब के सेवन से 13 लोगों की मौत हुई थी. शराब को एक लोकप्रिय आईएमएफएल ब्रांड के नाम वाली बोतलों में पैक किए जाने का दावा किया गया है. घटना के बाद गुजरात पुलिस का राज्य निगरानी प्रकोष्ठ मेथनॉल, अन्य रसायनों, परिवहन और कच्चे माल की आपूर्ति से जुड़े लोगों की तलाश कर रहा है.

गुजरात में शराबबंदी, फिर भी सक्रिय नेटवर्क

गुजरात में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है, फिर भी अवैध शराब का कारोबार पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है. भावनगर मामले की जांच में अब तक 27 गिरफ्तारियां होने की जानकारी दी गई है. कच्छ में हुई ताजा बरामदगी ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है. अब पुलिस नकली शराब तैयार करने से लेकर उसके कच्चे माल की खरीद, सप्लाई और संभावित परिवहन नेटवर्क तक की कड़ियां जोड़ रही है.