100 डॉलर तक बढ़ सकती है iPhone 18 Pro की कीमत, ये है बड़ी वजह
आजकल स्मार्टफोन यूजर्स के बीच iPhone 18 Pro सीरीज को लेकर चर्चा जोरों पर है. लॉन्च से पहले ही कीमत को लेकर नई खबरें सामने आ रही हैं. क्या सही में आईफोन की कीमत बढ़ सकती है, चलिए जानते हैं.
नई दिल्ली: आजकल स्मार्टफोन यूजर्स के बीच iPhone 18 Pro सीरीज को लेकर चर्चा जोरों पर है. लॉन्च से पहले ही कीमत को लेकर नई खबरें सामने आ रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एप्पल मेमोरी और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों के दबाव में नया आईफोन महंगा कर सकती है. हालांकि, कंपनी ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. आइए जानते हैं कि क्या भारतीय खरीदारों पर इसका असर पड़ सकता है?
iPhone 18 Pro की कीमत बढ़ने की चर्चा क्यों?
रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल पर मेमोरी और दूसरे कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत का दबाव है. दुनिया भर में DRAM और स्टोरेज जैसे पार्ट्स महंगे हो रहे हैं. इसकी बड़ी वजह AI सर्वर और बड़े डेटा सेंटर की बढ़ती मांग है. मेमोरी की मांग इतनी बढ़ गई है कि स्मार्टफोन कंपनियों को भी इसका असर झेलना पड़ रहा है. ऐसे में नया आईफोन बनाना एप्पल के लिए पहले से महंगा पड़ रहा है. अगर कंपनी पूरी बढ़ी हुई लागत खुद उठाए तो उसका मुनाफा कम हो सकता है. इसलिए कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि एप्पल कीमत में बढ़ोतरी कर सकती है.
कितनी बढ़ सकती है कीमत?
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर एप्पल करीब 100 डॉलर की बढ़ोतरी करती है तो iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,199 डॉलर तक पहुंच सकती है. मौजूदा iPhone 17 Pro की शुरुआती कीमत 1,099 डॉलर है. यानी करीब 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है.
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iPhone 18 Pro Max की कीमत भी इसी तरह बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. लेकिन याद रखें कि एप्पल ने अभी कोई कीमत घोषित नहीं की है. 1,199 डॉलर की बात सिर्फ रिपोर्ट और इंडस्ट्री के अनुमान पर आधारित है.
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पहले कुछ रिपोर्ट्स में 250 से 300 डॉलर तक की बड़ी बढ़ोतरी की बात कही गई थी. अब नई रिपोर्ट्स में करीब 100 डॉलर की चर्चा हो रही है. इससे साफ है कि अंतिम कीमत को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है.
मेमोरी की कीमत क्यों बढ़ रही है?
इसका सबसे बड़ा कारण मेमोरी है. स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली DRAM और स्टोरेज की कीमतों पर दबाव बढ़ा है. AI और डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ने से मेमोरी की मांग अचानक बहुत बढ़ गई है. ट्रेंडफोर्स जैसी एजेंसी के अनुमान के मुताबिक, iPhone 18 Pro के 256GB मॉडल के कंपोनेंट्स की लागत पिछले मॉडल के मुकाबले करीब 38 प्रतिशत तक बढ़ सकती है. मेमोरी इसमें सबसे बड़ा खर्च बन रही है. यानी समस्या सिर्फ एप्पल की नहीं है. पूरी इंडस्ट्री में अगर मेमोरी और चिप महंगी होती है तो कंपनियों के पास दो रास्ते बचते हैं. या तो वे खुद नुकसान सहें या कीमत का कुछ हिस्सा ग्राहकों से लें.
एप्पल ने दूसरे प्रोडक्ट्स की कीमत पहले ही बढ़ाई:
iPhone की कीमत बढ़ने वाली खबर इसलिए भी गंभीरता से ली जा रही है क्योंकि एप्पल इस साल कुछ अन्य प्रोडक्ट्स की कीमत बढ़ा चुकी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने बढ़ती कंपोनेंट कॉस्ट के दबाव में कुछ मैक और आईपैड मॉडल महंगे किए हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अगला नंबर आईफोन का है. एप्पल के लिए आईफोन सबसे अहम प्रोडक्ट है. इसलिए कंपनी शायद बहुत बड़ी बढ़ोतरी नहीं चाहेगी. यही वजह है कि 100 डॉलर की संभावित बढ़ोतरी वाली चर्चा ज्यादा अहम मानी जा रही है. कंपनी बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा खुद भी झेल सकती है.
भारत में कितना महंगा पड़ सकता है नया iPhone?
भारतीय खरीदारों के लिए असली सवाल यही है. अगर अमेरिका में कीमत बढ़ती है तो भारत में भी असर पड़ सकता है. एक रिपोर्ट में भारत में 10,000 रुपये तक की संभावित बढ़ोतरी की बात कही गई है, लेकिन यह आधिकारिक नहीं है. भारत में फाइनल कीमत डॉलर की कीमत के अलावा करेंसी रेट, इंपोर्ट ड्यूटी और एप्पल की रीजनल प्राइसिंग स्ट्रैटेजी पर भी निर्भर करेगी. फिलहाल iPhone 17 Pro भारत में 1,34,900 रुपये से शुरू होता है. अगर अगली Pro सीरीज महंगी होती है तो नया फोन जेब पर और भारी पड़ सकता है.
यूजर्स को क्या करना चाहिए?
अगर आप हर साल नया आईफोन लेने वाले हैं या iPhone 18 Pro का इंतजार कर रहे हैं तो थोड़ा अतिरिक्त बजट तैयार रखना समझदारी हो सकती है. कीमत बढ़ने की खबरें आ रही हैं, लेकिन आखिरी फैसला एप्पल का होगा. फिलहाल इन रिपोर्ट्स को अनुमान के तौर पर ही देखें. एप्पल जब आधिकारिक ऐलान करेगी तभी असली कीमत और फीचर्स की जानकारी मिलेगी. तब तक लीक्स और रिपोर्ट्स पर नजर बनाए रखें, लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला न लें.