Kota Kidnapping Case: मध्य प्रदेश के शिवपुरी की रहने वाली और राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) की छात्रा काव्या धाकड़ के अपरहण मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि काव्या का कोई अपहरण नहीं हुआ बल्कि उसने अपने बॉयफ्रेंड के साथ विदेश में बसने के लिए अपने अपहरण की झूठी कहानी रची थी और अपने घरवालों से 30 लाख की फिरौती मांगी थी.
बता दें कि काव्या 17 मार्च से लापता थी. उसकी फोन की अंतिम बार लोकेशन गुरुग्राम में ट्रेस हुई थी, हालांकि 19 मार्च तक लड़की का कोई पता नहीं चला.
अब कोटा पुलिस की जांच टीम ने खुलासा किया है कि लड़की का कोई अपहरण नहीं हुआ. टीम ने इसे पैसे एंठने की चाल बताया. पुलिस टीम ने कहा कि काव्या और उसके प्रेमी ने विदेश भागने और वहां बसने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रची थी और 30 लाख की फिरौती की मांग की थी.
काव्या के अपहरण की कुछ तस्वीरें उसके पिता को भेजी गई थीं. जब पिता ने कहा कि वे इन तस्वीरों को पुलिस को भेज रहे हैं तो फोटो भेजने वाले ने कहा जिसे भेजना है भेज दे. बेटी को जिंदा चाहता है तो 30 लाख बैंक में जमा करा दे. अगर ऐसा नहीं किया तो अगली बार अपनी बेटी के कटे सिर की तस्वीर देखेगा.
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए कोटा की एसपी अमृता दुहन ने कहा कि हमें लड़की के अपहरण के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं. उन्होंने कहा कि लड़की पिछले साल अगस्त में अपनी मां के साथ कोटा में पढ़ने के लिए आई थी लेकिन वह कभी कोटा के किसी संस्थान में पढ़ने नहीं गई. वह एक-दो दिन कोटा में रही और फिर वापस इंदौर चली गयी.
#WATCH | Kota, Rajasthan: City SP, Amrita Duhan says, "...There has been no kidnapping. As per the available proof, the kidnapping was fake...The student has been staying in Indore. The student had two friends with her. They had plans to go abroad for studies for which they… pic.twitter.com/eFKCOaKPlw
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) March 20, 2024
दुहन ने कहा कि काव्या और उसके प्रेमी के साथ उनका एक मित्र भी था, पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है. काव्या के अपहरण की जो तस्वीरें सामने आई थीं वह कथित तौर पर उसी लड़के के इंदौर स्थित फ्लैट की हैं.
दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार, इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से फोन पर बात की थी और काव्या के बचाव की मदद मांगी थी. इसके बाद उन्होंने लड़की के पिता से भी बात की थी और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया था.