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'ममता चाहती हैं बंद हो विरोध प्रदर्शन, पुलिस लगा रही पाबंदी', TMC सरकार पर पीड़िता की मां ने लगाए गंभीर आरोप

Kolkata Doctor Rape and Murder Case: पीड़िता की मां ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की सीएम ममता बनर्जी इस जघन्य अपराध के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन और मांग को दबाने की कोशिश में जुटी हुई हैं. साथ ही पुलिस ने भी इस मामले में उचित जांच नहीं की है.

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'ममता चाहती हैं बंद हो विरोध प्रदर्शन, पुलिस लगा रही पाबंदी', TMC सरकार पर पीड़िता की मां ने लगाए गंभीर आरोप
Courtesy: Social Media

कोलकाता आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रेप के बाद हत्या की शिकार हुई ट्रेनी महिला डाक्टर की मां ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस जघन्य अपराध के खिलाफ राज्य भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही हैं और कोलकाता पुलिस ने इस घटना की उचित जांच नहीं की है.

मीडिया से बातचीत पीड़िता की मां ने कहा, उन्होंने कहा था कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा लेकिन अभी तक केवल एक व्यक्ति को ही हिरासत में लिया गया है. मुझे यकीन है कि अस्पताल में भर्ती और भी लोग इस घटना में शामिल है, मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री विरोध प्रदर्शन को रोकने की कोशिश कर रही है, इसलिए पुलिस ने आज प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए निषेधाज्ञा लागू की है.

पीड़िता की मां का आरोप

वहीं कोलकाता के पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित साल्ट लेक स्टेडियम के 200 मीटर के भीतर चार या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाने के आदेश के संदर्भ में बोल रही थीं, जहां रविवार दोपहर को कट्टर प्रतिद्वंद्वी ईस्ट बंगाल और मोहन बागान क्लबों के बीच डूरंड कप मैच रद्द कर दिया गया था. पुलिस ने मैच के आयोजकों से कहा कि वह शहर भर में विरोध स्थलों पर तैनाती के कारण इस आयोजन के लिए आवश्यक पर्याप्त बल उपलब्ध नहीं करा पाएगी.

अधिकारियों ने नहीं किया सपोर्ट

साथ ही पीड़िता की मां ने कोलकाता पुलिस जांच को यथाशीघ्र बंद करने की कोशिश का भी आरोप लगाया है.पीड़िता की मां ने कहा, पुलिस ने उचित जांच नहीं की. अधिकारियों ने हमारे साथ बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया. उन्होंने बस जल्द से जल्द मामले को बंद करने की कोशिश की , वे जल्द से जल्द शव का पोस्टमार्टम करवाना चाहते थे और शव का अंतिम संस्कार करना चाहते थे.

कोलकाता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवनणनम औऱ न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने 13 अगस्त को केंद्रीय जांच ब्यूरो को कोलकाता पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने का आदेश दिया है.