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कठुआ एनकाउंटर में बड़ा खुलासा, मददगार के ना आने पर रास्ता भटके थे आतंकी

Kathua Encounter: जम्मू कश्मीर में बीते दिनों हुए आतंकी हमलों में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने हिरासत में लिए गए दो आरोपियों से पता लगाया है कि उन्होंने दो आतंकियों की मदद की थी. पुलिस हिरासत में आरोपियों का कहना है कि उन्होंने कथित तौर पर दोनों आतंकवादियों को शेरपुर में उसके एक सहयोगी के घर तक पहुंचाने में मदद की थी. पुलिस इस दौरान दो आरोपियों की खोज कर रही है जिसमें एक तो वह है जिसके यहां दोनों आतंकी रुके थे और एक वह है जो उन्हें गाइड करने के लिए आने वाला था.

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Courtesy: Social Media

Kathua Encounter: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है, जिन पर कथित तौर पर दो आतंकवादियों को कठुआ जिले की हीरानगर तहसील के शेरपुर गांव में एक कथित आतंकवादी सहयोगी के घर तक पहुंचाने का आरोप है. पाकिस्तान से आए आतंकी सहयोगी आतंकी के घर पहुंचने के बाद सैदा गांव पहुंचे थे. समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, इन दोनों आतंकियों को इसलिए पकड़ा जा सका क्योंकि एक गाइड इनकी मदद के लिए आने वाला था. वह नहीं आया. इसके नहीं आने पर दोनों आतंकी रास्ता भटक गए. सैदा गांव में ही 11 और 12 जून को इनका एनकाउंटर हुआ जिसमें दोनों आतंकियों को मार गिराया गया. इस दौरान CRPF का भी एक जवान शहीद हो गया था. 

हिरासत में लिए गए लोग हीरानगर के बाथल चक गांव के निवासी हैं. उन्होंने दावा किया कि वे संयोगवश आतंकवादियों से मिले थे और उनसे पूछे जाने पर उन्होंने उनके आतंकवादी सहयोगी के घर का रास्ता बताया.  सूत्रों के अनुसार, पुलिस और सुरक्षा बल इस घटना से सहमत नहीं हैं, खासकर इसलिए क्योंकि उन्होंने मुठभेड़ में दो आतंकवादियों के मारे जाने के बाद भी अधिकारियों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी. पुलिस सूत्रों ने बताया कि दो अन्य व्यक्तियों की तलाश जारी है, जिनमें से एक वह है जिसके घर में आतंकवादी रात भर रुके थे और दूसरा वह जो उन्हें उधमपुर के पहाड़ों तक पहुंचाने वाला था, जहां से वे या तो डोडा जिले या कश्मीर घाटी की ओर जाते. 

मुठभेड़ में ढेर हुए आतंकी

सूत्रों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके हीरानगर सेक्टर में घुसने के बाद आतंकवादियों को हिरासत में लिए गए दो लोगों ने शेरपुर गांव में एक आतंकी सहयोगी के घर तक पहुंचाया था. इस दौरान आतंकी एक रात शेरपुर में मौजूद आतंकी के घर में रुके. यहां अगली सुबह उन्हें एक गाइड मिलना था जो नहीं आया. इसलिए, दोनों आतंकवादी उधमपुर जिले के जंगलों की ओर अकेले ही आगे बढ़ गए.  स्थानीय गाइड के बिना वे रास्ता भूल गए और सैदा गांव में पहुंच गए, जहां उन्होंने पानी के लिए एक दरवाजा खटखटाया. गांव के निवासियों ने उन्हें देखकर हंगामा मचाया इसके बाद सुरक्षा बल वहां पहुंच गए और मुठभेड़ में दोनों आतंकियों को ठिकाने लगा दिया. 

आतंकी हमले में हुई गिरफ्तारियां 

जम्मू -कश्मीर पुलिस ने कहा कि डोडा जिले में सुरक्षा बलों पर लगातार हुए आतंकी हमलों के सिलसिले में उसने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.  पुलिस ने आरोप लगाया कि इन तीनों लोगों ने 11 जून को गंडोह इलाके के कोटा टॉप पर हुए हमले में आतंकियों की कथित तौर पर मदद की थी. डा के एसएसपी जावेद ने गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सफदर, मुबाशिर और सज्जाद के रूप में की है - सभी टेंटना गंडोह के निवासी हैं. कई दिनों तक पुलिस हिरासत में उनसे पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई. 

पुलिस और सेना की चौकी पर हमला 

आतंकवादियों ने 10 जून की रात को कठुआ जिले से सटे भद्रवाह के चत्तरगला इलाके में पुलिस और सेना के संयुक्त नाके पर हमला किया था, जिसमें पांच सैन्यकर्मी और एक एसपीओ घायल हो गए थे.हमले के अगले दिन, जब पुलिस और सुरक्षा बल उनकी तलाश कर रहे थे, तो कोटा टॉप पर आतंकवादियों ने उन पर फिर से हमला कर दिया जिसमें एक एसपीओ घायल हो गया था. पुलिस का कहना था कि इन दोनों हमलों में आतंकवादियों के अलग-अलग समूह थे.