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India Daily

मेरे नाम में शिव तो... 22 जनवरी को छुट्टी वाले बयान पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने BJP पर किया वार

देशभर के कई राज्यों ने 22 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिव कुमार दोनों ही अयोध्या में मंदिर प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं होंगे.

Naresh Chaudhary
मेरे नाम में शिव तो... 22 जनवरी को छुट्टी वाले बयान पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने BJP पर किया वार

हाइलाइट्स

  • कर्नाटक के डिप्टी सीएम बोले- हमें किसी को कुछ सिखाने की जरूरत नहीं
  • पत्रकारों के सवालों का डीके शिवकुमार ने दिया ये जवाब

Karnataka Deputy CM DK Shivkumar Attacks BJP on Statement of Holiday on 22 January: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 22 जनवरी को अयोध्या राम मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह के लिए सार्वजनिक छुट्टी घोषित नहीं करने के अपनी सरकार के फैसले का बचाव किया है. उन्होंने कहा है कि वे अपनी भक्ति या धर्म का प्रचार नहीं करेंगे.

उपमुख्यमंत्री के अनुसार, कर्नाटक सरकार ने कहा है कि हमारी भक्ति, हमारा सम्मान, हमारा धर्म... हम इसका प्रचार नहीं करेंगे. किसी ने हमसे यह नहीं पूछा, लेकिन हमारे मंत्री मंदिरों में पूजा कर रहे हैं. हमारी प्रार्थनाएं फल देंगी. हम सभी से प्रार्थना करने के लिए कह रहे हैं.

कर्नाटक के डिप्टी सीएम बोले- हमें किसी को कुछ सिखाने की जरूरत नहीं

डीके शिवकुमार ने कहा कि सिद्धारमैया के नाम में राम है, मेरे नाम में शिव है. किसी को हमें कुछ सिखाने या दबाव डालने की जरूरत नहीं है. हम अपना कर्तव्य निभाएंगे. भाजपा 22 जनवरी को राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं करने के लिए कर्नाटक सरकार पर निशाना साध रही है, जब अयोध्या में राम मंदिर का अभिषेक समारोह होना है.

पत्रकारों के सवालों का डीके शिवकुमार ने दिया ये जवाब

बता दें कि देशभर के कई राज्यों ने 22 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिव कुमार दोनों ही अयोध्या में मंदिर प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं होंगे. पत्रकारों की ओर से पूछे जाने पर कि कांग्रेस आलाकमान ने समारोह में भाग लेने का फैसला क्यों नहीं किया, इस पर डीके शिवकुमार ने कहा कि भाजपा शासित केंद्र यह तय करने में पिक-एंड-चूज पद्धति अपना रहा है. 

कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने कहा कि वे (भाजपा) नेताओं को चुन रहे हैं. देश में बहुत सारे नेता और मुख्यमंत्री हैं. यह कोई निजी संपत्ति नहीं है. सार्वजनिक संपत्ति है. हर धर्म और प्रतीक किसी व्यक्ति का नहीं है.