CJI सूर्यकांत के मुख्य अतिथि वाले कार्यक्रम पर अचानक लगी रोक, जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली में 28 जुलाई को होने वाला जस्टिस एचआर खन्ना मेमोरियल लेक्चर स्थगित कर दिया गया है. कार्यक्रम में CJI सूर्यकांत मुख्य अतिथि थे. आयोजन में दसवीं अनुसूची और संवैधानिक मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित थी.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: दिल्ली में 28 जुलाई को आयोजित होने वाला जस्टिस एचआर खन्ना मेमोरियल लेक्चर फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. इस कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कार्यक्रम को कुछ दिन पहले ही स्थगित करने का निर्णय लिया गया था. इस आयोजन में संविधान, दलबदल कानून और ऐतिहासिक न्यायिक फैसलों पर चर्चा प्रस्तावित थी. कार्यक्रम के स्थगित होने के बाद इसे लेकर कानूनी हलकों में चर्चा तेज हो गई है.

कार्यक्रम 28 जुलाई की शाम नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित होना था. आयोजन के पोस्टर के अनुसार इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत मुख्य अतिथि थे. वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद पी दातार को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था, जबकि पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना इसकी अध्यक्षता करने वाले थे.

दलबदल कानून पर प्रस्तावित थी चर्चा

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार व्याख्यान का विषय 'दलबदल से विलय तक. दसवीं अनुसूची को रद्द करने की जरूरत' रखा गया था. इस विषय पर संवैधानिक और कानूनी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जानी थी. कार्यक्रम में न्यायपालिका, संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखने वाले थे.


ADM जबलपुर मामले पर भी थी पैनल चर्चा

आयोजन में 'ADM जबलपुर बनाम शिवकांत शुक्ला मामले के पचास साल बाद' विषय पर विशेष पैनल चर्चा भी प्रस्तावित थी. यह मामला भारतीय न्यायिक इतिहास के सबसे चर्चित मामलों में माना जाता है. जस्टिस एचआर खन्ना ने इस मामले में अकेले असहमति का फैसला दिया था, जिसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है.

हाल के दिनों में चर्चा में रहे CJI सूर्यकांत

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की गई अपनी टिप्पणियों को लेकर भी चर्चा में रहे. उन्होंने मौखिक रूप से कहा था कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार संविधान द्वारा संरक्षित है और केवल प्रदर्शन के आधार पर बल प्रयोग को उचित नहीं ठहराया जा सकता. साथ ही स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया था.

स्थगन के कारण पर आधिकारिक जानकारी नहीं

फिलहाल कार्यक्रम स्थगित किए जाने के पीछे कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है. मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि आयोजन को कुछ दिन पहले ही टालने का निर्णय लिया गया था. अब कानूनी समुदाय की नजर इस बात पर है कि इस व्याख्यान के आयोजन की नई तिथि कब घोषित की जाएगी.