भारी बारिश और भूस्खलन के डर से अमरनाथ यात्रा ठप! 15 लोगों की मौत; यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला

अमरनाथ यात्रा को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम और बालटाल मार्गों पर भारी बारिश के कारण एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है. बारिश से रास्ते फिसलन भरे और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है. यात्रा 18 जुलाई से फिर शुरू होगी.

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Princy Sharma

Amarnath Yatra 2025: अमरनाथ यात्रा पर भीषण बरसात का कहर मंडरा रहा है. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर तेज बारिश के चलते यात्रा को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश से रास्ते फिसलन भरे और भूस्खलन के जोखिम में आ गए हैं. यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. यात्रा अब 18 जुलाई से फिर से शुरू होगी.

बारिश के कारण दोनों मार्गों पर रास्तों की मरम्मत और सुरक्षा जांच जारी है. बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने मशीनरी और कर्मियों की भारी तैनाती की है ताकि रास्ते जल्द से जल्द ठीक किए जा सकें. डिविजनल कमिश्नर कश्मीर विजय कुमार बिधूड़ी ने बताया कि लगातार बारिश के कारण ट्रैक पर मरम्मत जरूरी हो गई है, इसलिए आज किसी भी यात्री को यात्रा करने की अनुमति नहीं दी गई है. हालांकि, जो यात्री पंक्तामी कैंप में रुके थे, उन्हें बालटाल की ओर वापस जाने दिया जा रहा है.

55 वर्षीय महिला की मौत

पिछले दिन बालटाल मार्ग पर हुए लैंडस्साइड के बाद यह फैसला लिया गया है. इस लैंडस्साइड में एक महिला श्रद्धालु की भी जान चले गई और तीन अन्य लगो घायल हैं. राजस्थान की 55 वर्षीय सना बाई की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. भूस्खलन अचानक हुई भारी बारिश के कारण पहाड़ से मलबा गिरने की वजह से हुआ. इस साल अब तक यात्रा के दौरान कुल 15 लोगों की जान जा चुकी है.

लाखों श्रद्धालु ने कर लिए हैं दर्शन 

अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई से शुरू हुई थी. 3,880 मीटर ऊंचे पवित्र गुफा मंदिर में अब तक करीब 2.47 लाख श्रद्धालु ने दर्शन किए हैं. कुल 4 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन कराया है. पिछले साल करीब 5.10 लाख यात्रियों ने दर्शन किए थे. यह 38 दिन की यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी. भारी बारिश के बीच प्रशासन लगातार सुरक्षा और मरम्मत के काम कर रहा है ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित यात्रा कर सकें.