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जम्मू-कश्मीर में टेरर लिंक सामने आने पर दो सरकारी कर्मचारियों पर बड़ा एक्शन, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिए बर्खास्तगी के आदेश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखने के आरोप में दो सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया. खुफिया एजेंसियों ने उनके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाए थे. प्रशासन ने साफ किया कि सरकारी पद पर रहते हुए किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि या सहयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
जम्मू-कश्मीर में टेरर लिंक सामने आने पर दो सरकारी कर्मचारियों पर बड़ा एक्शन, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिए बर्खास्तगी के आदेश
Courtesy: Social Media

जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों पर बड़ा कदम उठाते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दो सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया. इन कर्मचारियों पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखने और उनके लिए काम करने के गंभीर आरोप लगे थे.कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों ने  इन दोनों कर्मचारियों के खिलाफ आपत्तिजनक साक्ष्य जुटाए थे.

यही नहीं, इन पर आरोप है कि इन्होंने सरकारी पद का दुरुपयोग कर आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दिया और आतंकी संगठनों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किया. सरकार ने इस कार्रवाई के लिए संविधान के अनुच्छेद 311 (2) (सी) का हवाला दिया. इस प्रावधान के तहत यदि किसी कर्मचारी की सेवाओं को जारी रखना राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो, तो बिना विभागीय जांच के भी उसे बर्खास्त किया जा सकता है. यही प्रावधान आतंकवाद और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से जुड़े मामलों में लागू किया जाता है.

आतंकी संगठनों से संपर्क

अधिकारियों ने बताया कि ये कर्मचारी लंबे समय से आतंकी संगठनों के संपर्क में थे और खुफिया एजेंसियों को उनके खिलाफ पुख्ता सबूत हाथ लगे थे. जांच में यह भी सामने आया कि लश्कर-ए-तैयबा की मदद से वे आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने में लगे थे. जम्मू-कश्मीर प्रशासन का कहना है कि किसी भी सरकारी पद पर रहते हुए आतंकियों से संबंध रखना या उन्हें सहयोग करना राष्ट्रहित के खिलाफ है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इस तरह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखे हुए है और किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा.

संलिप्त लोगों पर सख्ती से कार्रवाई 

इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर प्रशासन कई बार ऐसे सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर चुका है जिनके आतंकी संगठनों से संबंध पाए गए. केंद्र और राज्य प्रशासन के नीति के तहत राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है. सरकार की इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. माना जा रहा है कि इस कदम से आतंकी नेटवर्क को झटका लगेगा और सरकारी सिस्टम के भीतर छिपे ऐसे तत्वों को लेकर एक कड़ा संदेश जाएगा.