US Israel Iran War

जम्मू-कश्मीर में हेरोइन तस्करी के दो रूट का NCB ने किया खुलासा, 6.920 किलो हेरोइन जब्त

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की जम्मू जोनल यूनिट ने जम्मू-कश्मीर में हेरोइन की सप्लाई के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दो अलग-अलग रूट का खुलासा किया है.

AI Generated
Shilpa Srivastava

जम्मू: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की जम्मू जोनल यूनिट ने जम्मू-कश्मीर में हेरोइन की सप्लाई के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दो अलग-अलग रूट का खुलासा किया है. NCB के मुताबिक, एक रूट पाकिस्तान से उरी सेक्टर के जरिए जम्मू-कश्मीर तक पहुंच रहा था, जबकि दूसरा पंजाब के रास्ते जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था.

NCB के अनुसार, करीब एक महीने के दौरान जम्मू डिवीजन में हेरोइन की चार अलग-अलग बरामदगी की गई, जबकि पंजाब में की गई फॉलो-अप कार्रवाई को मिलाकर कुल 6.920 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई है. इनमें से दो कार्रवाई नशे से प्रभावित बस्तियों में की गईं.

सांबा से बरामदगी के बाद लुधियाना तक पहुंचा नेटवर्क:

NCB ने बताया कि 3 सितंबर 2026 को सांबा के न्यू बस स्टैंड के पास एक यात्री बस को रोककर तलाशी ली गई. इस दौरान पुलवामा के काकापोरा निवासी आकिब बशीर के कब्जे से 522 ग्राम हेरोइन बरामद की गई.


इसके बाद NCB ने इस खेप के बैकवर्ड लिंक की जांच की, जिसका ट्रेल पंजाब के लुधियाना तक पहुंचा. वहां की गई फॉलो-अप कार्रवाई में 197 ग्राम अतिरिक्त हेरोइन बरामद की गई. सांबा-लुधियाना कार्रवाई में अब तक कुल 719 ग्राम हेरोइन जब्त हो चुकी है. मामले में आगे की जांच जारी है.

5.160 किलो की बरामदगी ने खोला पाकिस्तान-उरी रूट:

इससे पहले NCB जम्मू की एक बड़ी कार्रवाई में 5.160 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी. जांच में सामने आया कि यह खेप पाकिस्तान से आई थी और उरी सेक्टर के जरिए जम्मू-कश्मीर में दाखिल हुई थी. NCB ने इस मामले में सप्लायर तक पहुंचने के लिए जांच को लेह तक आगे बढ़ाया, जहां कथित सप्लायर को गिरफ्तार किया गया.

नशे से प्रभावित दो बस्तियों में भी कार्रवाई:

NCB के मुताबिक, जम्मू और सांबा बेल्ट में नशे से प्रभावित दो बस्तियों में भी कार्रवाई की गई, जहां क्रमशः 438 ग्राम और 603 ग्राम हेरोइन बरामद हुई. इन सभी कार्रवाइयों को मिलाकर कुल जब्ती 6.920 किलोग्राम बताई गई है.

NCB का कहना है कि उसका फोकस सिर्फ नशे की खेप या कैरियर को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेप के स्रोत, संभावित रिसीवर, फाइनेंसर और अन्य सहयोगियों तक पहुंचकर पूरे तस्करी नेटवर्क को खत्म करना है. मामले में आगे की जांच जारी है.