ISRO Scientist की कितनी होती है सैलरी, योग्यता और भर्ती प्रक्रिया; वैज्ञानिकों के इस्तीफे कि रिपोर्ट के बीच जानें पूरी डिटेल
ISRO में वैज्ञानिक और इंजीनियर बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता, GATE स्कोर और चयन प्रक्रिया अहम होती है. हालिया इस्तीफों के बीच वैज्ञानिकों की सैलरी, प्रमोशन और नई भर्ती से जुड़े नियमों पर भी चर्चा तेज हो गई है.
नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन एक बार फिर चर्चा में है. वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के इस्तीफों की खबरों के बीच अंतरिक्ष विभाग ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और इस्तीफे से जुड़े नियमों को सख्त कर दिया है. इसी के साथ लोगों की दिलचस्पी यह जानने में बढ़ी है कि ISRO में नौकरी कैसे मिलती है और वहां कितना वेतन मिलता है.
ISRO में वैज्ञानिक बनने के लिए क्या है योग्यता?
ISRO में Scientist/Engineer-SC पद के लिए उम्मीदवार के पास BE, BTech या समकक्ष डिग्री में कम से कम 65 प्रतिशत अंक या 6.84 CGPA होना जरूरी है. कई पदों पर वैध GATE स्कोर के आधार पर इंटरव्यू के लिए चयन किया जाता है. वहीं कुछ पदों के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू दोनों अनिवार्य हैं. ME, MTech, MSc या MBA जैसी उच्च शिक्षा वाले उम्मीदवार भी अलग-अलग भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. अधिकांश पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 28 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है.
वेतन और प्रमोशन का क्या है सिस्टम?
ISRO में Scientist/Engineer-SC का शुरुआती वेतन सातवें वेतन आयोग के तहत लेवल-10 में 56,100 रुपये से शुरू होकर 1,77,500 रुपये तक हो सकता है. बेहतर प्रदर्शन के आधार पर मेरिट प्रमोशन स्कीम के जरिए कर्मचारी आगे बढ़ते हुए Distinguished Scientist जैसे शीर्ष पद तक पहुंच सकते हैं, जहां वेतन 2,05,400 रुपये से 2,24,400 रुपये तक मिलता है. इसके अलावा सरकारी भत्ते और अन्य सुविधाएं भी कर्मचारियों को दी जाती हैं.
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अन्य तकनीकी पदों पर भी मिलती है आकर्षक सैलरी
ISRO में केवल वैज्ञानिक ही नहीं, बल्कि Technician-B और Technical Assistant जैसे पदों पर भी भर्ती होती है. Technician-B के लिए SSLC के साथ ITI या NCVT प्रमाणपत्र आवश्यक है. इस पद का वेतन 21,700 रुपये से 69,100 रुपये तक है. वहीं Technical Assistant के लिए इंजीनियरिंग डिप्लोमा जरूरी है और इस पद पर वेतन 44,900 रुपये से 1,42,400 रुपये तक मिलता है. अनुभव और प्रदर्शन के आधार पर इन पदों पर भी पदोन्नति का अवसर मिलता है.
इस्तीफों के बीच क्यों सख्त हुए नियम?
हाल के महीनों में विभिन्न ISRO केंद्रों से बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के इस्तीफों की खबरों के बाद अंतरिक्ष विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. रिपोर्टों के अनुसार, विशेषकर गगनयान जैसे महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़े ग्रुप-ए वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों के इस्तीफे या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन अब सामान्य प्रक्रिया के तहत स्वीकार नहीं किए जाएंगे. इसका उद्देश्य रणनीतिक परियोजनाओं में अनुभवी वैज्ञानिकों की उपलब्धता बनाए रखना और मिशनों की गति प्रभावित न होने देना है.