menu-icon
India Daily

INS तरकश का ऑपरेशन ड्रग्स के खिलाफ बड़ा वार, 2500 किलो मादक पदार्थ जब्त

Indian Navy Operation: नौसेना के P8I टोही विमान से मिले इनपुट के आधार पर INS तरकश ने संदिग्ध जहाजों का पीछा किया और एक धाऊ जहाज को रोककर उसमें छिपे 2386 किलोग्राम हैशिश और 121 किलोग्राम हेरोइन बरामद की.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma
INS तरकश का ऑपरेशन ड्रग्स के खिलाफ बड़ा वार, 2500 किलो मादक पदार्थ जब्त
Courtesy: Social Media

Indian Navy Operation: भारतीय नौसेना के फ्रंटलाइन जहाज INS तरकश ने पश्चिमी हिंद महासागर में एक बड़ा ऑपरेशन करते हुए 2500 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थों को जब्त किया. यह ऑपरेशन समुद्री अपराधों पर नकेल कसने और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की नौसेना की कमिटमेंट को दिखाता है.

INS तरकश का ऑपरेशन

बता दें कि INS तरकश, जो जनवरी 2025 से पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा अभियान के तहत तैनात है, कॉम्बाइंड टास्क फोर्स (CTF) 150 के लिए अपना योगदान दे रहा है. यह टास्क फोर्स कॉम्बाइंड मेरीटाइम फोर्सेज (CMF) का हिस्सा है, जिसका मुख्यालय बहरीन में स्थित है.

31 मार्च को हुई बड़ी कार्रवाई

बताते चले कि 31 मार्च 2025 को गश्त के दौरान, भारतीय नौसेना के P8I एयरक्राफ्ट ने समुद्र में कुछ संदिग्ध नौकाओं की पहचान की, जो नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल हो सकती थीं. इनपुट मिलते ही INS तरकश ने अपने रास्ते में बदलाव किया और संदिग्ध जहाजों की तलाशी शुरू की.

समुद्र में सभी संदिग्ध जहाजों की व्यवस्थित जांच के बाद, INS तरकश के हेलीकॉप्टर और मेरीटाइम ऑपरेशंस सेंटर, मुंबई की मदद से संदिग्ध जहाजों की निगरानी की गई. इसके बाद एक विशेष बोर्डिंग टीम और मरीन कमांडोज को संदिग्ध नाव पर भेजा गया, जहां व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया.

2500 किलो से ज्यादा मादक पदार्थ जब्त

तलाशी के दौरान विभिन्न सील पैकेट्स में कुल 2500 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिसमें 2386 किलोग्राम हशीश और 121 किलोग्राम हेरोइन शामिल थी. इसके बाद संदिग्ध जहाजों को INS तरकश के नियंत्रण में ले लिया गया और तस्करी में शामिल लोगों से गहन पूछताछ की गई.

भारतीय नौसेना का बढ़ता दबदबा

हालांकि, यह कार्रवाई साबित करती है कि भारतीय नौसेना समुद्री अपराधों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने में पूरी तरह सक्षम है. नौसेना की अंतरराष्ट्रीय अभियानों में भागीदारी न सिर्फ भारतीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत कर रही है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में स्थिरता और समृद्धि को भी बढ़ावा दे रही है.